हिरासत में मौत: दिलशाद अंसारी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग

बिहार के पश्चिम चंपारण जिले से एक हृदयविदारक मामला सामने आया है, जहां औरहिया निवासी दिलशाद अंसारी की पुलिस हिरासत में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। इस घटना ने पूरे इलाके में आक्रोश पैदा कर दिया है और अब इस मामले में उच्चस्तरीय जांच की मांग उठने लगी है।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
इस घटना ने एक हंसते-खेलते परिवार को पूरी तरह उजाड़ दिया है। बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता नदीम अंसारी ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि इस मौत ने कई जिंदगियां बर्बाद कर दी हैं। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि एक मां ने अपना बेटा खो दिया है, एक पत्नी ने अपना जीवनसाथी खो दिया है और महज चार महीने की एक मासूम बच्ची ने अपने पिता को हमेशा के लिए खो दिया है।
"न्याय और जवाबदेही से ही पीड़ित परिवार का विश्वास बहाल हो सकता है।"
दोषी पुलिसकर्मियों पर हो सख्त कार्रवाई
नदीम अंसारी ने मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि सच सामने आ सके। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि जांच के दौरान पुलिस की किसी भी प्रकार की लापरवाही या किसी आपराधिक कृत्य की पुष्टि होती है, तो दोषी पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर सख्त से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
मुआवजे और भविष्य की सुरक्षा की मांग
कांग्रेस नेता ने सरकार से पीड़ित परिवार की आर्थिक मदद करने की अपील की है। उन्होंने मांग की है कि सरकार को निम्नलिखित कदम उठाने चाहिए:
- उचित मुआवजा: पीड़ित परिवार को तुरंत आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।
- सरकारी सहायता: मृतक की पत्नी को सरकारी सहायता सुनिश्चित की जाए।
- बच्ची का भविष्य: मासूम बच्ची के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए विशेष सुरक्षा और सहायता दी जाए।