'दिनकर की कालजयी रचनाएं पीढ़ी दर पीढ़ी करेंगी मार्गदर्शन': राष्ट्रकवि की 118वीं जयंती पर पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि

Ghazala Saheb23 September 20262 min read1 viewBihar
'दिनकर की कालजयी रचनाएं पीढ़ी दर पीढ़ी करेंगी मार्गदर्शन': राष्ट्रकवि की 118वीं जयंती पर पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को महान हिंदी कवि, स्वतंत्रता सेनानी और पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित रामधारी सिंह 'दिनकर' की 118वीं जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। पीएम मोदी ने उन्हें एक ऐसे महान साहित्यिक व्यक्तित्व के रूप में याद किया, जिनकी ओजस्वी रचनाएं आज भी भारतीयों में राष्ट्रीय गौरव और आत्म-सम्मान की भावना को प्रज्वलित करती हैं।

साहित्य और राष्ट्रवाद का संगम: पीएम मोदी का संदेश

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' के माध्यम से राष्ट्रकवि को नमन करते हुए कहा कि दिनकर जी की रचनाएं जनचेतना और देशभक्ति से ओतप्रोत हैं। उन्होंने कहा कि उनकी रचनाएं न केवल साहित्य को समृद्ध करती हैं, बल्कि देशवासियों के भीतर शौर्य और तेज का संचार भी करती हैं।

"राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर जी की जयंती पर उन्हें मेरा शत-शत नमन। जनचेतना और राष्ट्रीय स्वाभिमान के भावों से भरी उनकी ओजस्वी कविताएं आज भी देशवासियों के हृदय में शौर्य, तेज और आत्मगौरव का संचार करती हैं। उनकी रचनाएं साहित्य को समृद्ध करने के साथ-साथ मातृभूमि के प्रति समर्पण को प्रेरित करती हैं। उनकी महान शख्सियत और कालजयी रचनाएं आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करती रहेंगी।"

देश के दिग्गज नेताओं ने भी किया राष्ट्रकवि को नमन

रामधारी सिंह 'दिनकर' के साहित्यिक योगदान और उनके निर्भीक लेखन को देखते हुए देश के विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों और अन्य नेताओं ने भी उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए:

हिंदी साहित्य के 'शलाका पुरुष' को श्रद्धांजलि

  • योगी आदित्यनाथ (मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने दिनकर जी को हिंदी साहित्य का शिखर पुरुष बताया। उन्होंने कहा कि अपनी निष्पक्ष और निर्भीक लेखनी के माध्यम से उन्होंने राष्ट्रीय स्वाभिमान को जगाया और जन-जन की चेतना में नई ऊर्जा भरी।
  • सम्राट चौधरी (मुख्यमंत्री, बिहार): बिहार के मुख्यमंत्री ने दिनकर जी की 'वीर रस', राष्ट्रप्रेम और जनचेतना पर आधारित रचनाओं की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि उनकी अमर रचनाएं आज भी देश के लोगों को प्रेरणा देती हैं।
  • मोहन यादव (मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने दिनकर जी की प्रसिद्ध कृतियों जैसे 'रश्मिरथी', 'कुरुक्षेत्र' और 'उर्वशी' का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन कालजयी रचनाओं के माध्यम से दिनकर जी ने साहित्य में राष्ट्रप्रेम, शौर्य और मानवीय संवेदनाओं को एक शक्तिशाली स्वर दिया है, जो आज भी हमें समाज और राष्ट्र के प्रति हमारे कर्तव्यों की याद दिलाते हैं।
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