चुनाव आयोग के जवाब से असंतुष्ट दीपांकर भट्टाचार्य, कहा- यह अपराध की स्वीकारोक्ति है

Ghazala Saheb27 September 20261 min read3 viewsBihar
चुनाव आयोग के जवाब से असंतुष्ट दीपांकर भट्टाचार्य, कहा- यह अपराध की स्वीकारोक्ति है

CPI(ML) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने चुनाव आयोग (EC) द्वारा दिए गए हालिया स्पष्टीकरण पर बेहद कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने आयोग के जवाब को 'अपराध की स्वीकारोक्ति' करार देते हुए कहा कि इस मामले में आयोग के अधिकारियों को अपने पदों पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

क्या है पूरा मामला?

यह पूरा विवाद एक रिपोर्ट के बाद शुरू हुआ, जिसमें दावा किया गया था कि मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों पर चुनाव आयोग के दो आयुक्तों ने आपत्ति जताई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने कई बार उन आदेशों पर सवाल उठाए, जो उनकी जानकारी के बिना ही जारी कर दिए गए थे।

इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा:

"हम बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं हैं। यह एक स्वीकारोक्ति है... यह अपराध को स्वीकार करने जैसा है। इसके बाद उन्हें पद पर रहने का कोई अधिकार नहीं है।"

विपक्ष की एकजुटता और राष्ट्रव्यापी आंदोलन की तैयारी

इस विवाद ने विपक्षी खेमे को एकजुट कर दिया है। भट्टाचार्य ने जानकारी दी कि INDIA गठबंधन इस गंभीर मुद्दे पर चर्चा करने के लिए 30 सितंबर को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित करने जा रहा है।

उन्होंने आगे

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