राहुल गांधी के ECI मार्च को डीके शिवकुमार का समर्थन, कहा- यह जनता की आवाज है

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के मुद्दे पर चुनाव आयोग (ECI) तक पहुंचे विपक्षी सांसदों के विरोध मार्च का पुरजोर समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी देश के मतदाताओं और आम जनता के अधिकारों के लिए लड़ रहे हैं।
भाजपा नेताओं को दी सीधी चुनौती
मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के आरोपों पर मीडिया से बात करते हुए शिवकुमार ने भाजपा नेताओं पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा नेताओं को लगता है कि उनके समर्थकों के वोट 'छीने' गए हैं, तो उन्हें सबसे पहले यह प्रमाणित करना चाहिए कि उन्होंने इसके लिए आवश्यक फॉर्म जमा किए थे।
शिवकुमार ने सीधे तौर पर भाजपा के दिग्गज नेताओं—येदिउरप्पा, बसप्पा सोमैया, कुमारस्वामी, शोभा कर्नाटक और विजयेंद्र—को चुनौती देते हुए कहा, "इन नेताओं को प्रमाणित करना चाहिए कि हाँ, हमने फॉर्म दिए थे... यदि किसी को लगता है कि उसका वोट छीना गया है, तो शिकायत दर्ज करना उसका कर्तव्य है।"
'यह एक बड़ी आपराधिक साजिश है'
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा नेता अपने कार्यकर्ताओं को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने इस पूरे मामले को "भारत के इतिहास में एक बड़ी आपराधिक साजिश" करार दिया।
इस विवाद की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बेंगलुरु पुलिस ने जयनगर विधानसभा क्षेत्र में 5,698 मतदाताओं के नाम हटाने के लिए फर्जी 'फॉर्म-7' आवेदन जमा करने के आरोप में दो भाजपा बूथ स्तर एजेंटों (BLA) और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है।
चुनाव आयोग का सख्त निर्देश
शिवकुमार ने बताया कि चुनाव आयोग ने अब सभी तालुक कार्यालयों और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (EROs) को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बिना उचित सत्यापन के किसी भी नाम को हटाया नहीं जा सकता। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनका कर्तव्य सभी राजनीतिक दलों के मतदाताओं की रक्षा करना है और किसी भी नाम को मनमाने ढंग से नहीं हटाया जाना चाहिए।
राहुल गांधी का संघर्ष जारी रहेगा
INDIA ब्लॉक के सांसदों द्वारा चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर किए गए प्रदर्शन और राहुल गांधी व प्रियंका गांधी को चुनाव आयोग परिसर में प्रवेश