कर्नाटक पर संकट: डीके शिवकुमार ने केंद्र से मांगी मदद, बोले- 'PM मोदी का है यह कर्तव्य'

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने राज्य में बढ़ते सूखे और बिजली संकट को लेकर केंद्र सरकार से तत्काल मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे जल्द ही दिल्ली जाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे और राज्य के लिए सूखे से राहत कोष (Drought Relief Funds) की मांग करेंगे।
200 से ज्यादा तालुकों में सूखे का कहर
मुख्यमंत्री ने राज्य की गंभीर स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि कर्नाटक के 200 से अधिक तालुके वर्तमान में सूखे जैसी स्थिति से जूझ रहे हैं। इस प्राकृतिक आपदा के कारण किसानों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं और पानी की भारी किल्लत पैदा हो गई है।
"सम्मानित प्रधानमंत्री का यह कर्तव्य है कि वे कर्नाटक की मदद करें। यहाँ 200 से अधिक तालुके प्रभावित हैं, जिससे बहुत सी समस्याएं पैदा हो गई हैं। लोगों की फसलें बर्बाद हो गई हैं और पानी व बिजली की भारी समस्या है।" - डीके शिवकुमार
बिजली की भारी मांग और प्रबंधन की चुनौती
सूखे के साथ-साथ राज्य को बिजली की भी भीषण किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में बिजली की मांग लगभग 20,000 मेगावाट तक पहुंच गई है, जिससे आम नागरिकों को अपनी दैनिक जरूरतों को पूरा करने में काफी संघर्ष करना पड़ रहा है।
इस संकट से निपटने के लिए मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाने के निर्देश दिए हैं:
- ऊर्जा विभाग को सख्त निर्देश: उन्होंने ऊर्जा विभाग को स्थिति की बारीकी से निगरानी करने और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करने को कहा है।
- चीनी मिलों के साथ समन्वय: मुख्यमंत्री ने चीनी मिलों के मालिकों से बिजली प्रबंधन में सरकार का सहयोग करने का आग्रह किया है।
- बिजली की बिक्री पर नियंत्रण: उन्होंने निर्देश दिया है कि चीनी मिलें अपनी बिजली बाजार में बेचने के बजाय सरकार को उपलब्ध कराएं ताकि संकट को कम किया जा सके।
कोयले के स्टॉक पर बढ़ती चिंता
थर्मल पावर उत्पादन के लिए कोयले की उपलब्धता को लेकर भी मुख्यमंत्री ने सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि राज्य को कोयले के स्टॉक पर कड़ी नजर रखनी होगी। अपने पूर्व ऊर्जा मंत्री के अनुभव का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि वे देश भर में बिजली की उपलब्धता की स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि वे अपने वर्तमान कार्यक्रमों को पूरा करने के बाद दिल्ली की यात्रा करेंगे और प्रधानमंत्री से मिलने के लिए अपॉइंटमेंट लेंगे।