कटिहार: उफनती गंगा पार कर गोबराही दियारा पहुंचे डीएम, राहत और भोजन की गुणवत्ता की परखी

कटिहार के जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी गंगा के बढ़ते जलस्तर और बाढ़ की स्थिति के बीच प्रशासनिक और मेडिकल टीम के साथ उफनती गंगा को नाव से पार करके कुरसेला प्रखंड के सुदूर गोबराही दियारा पहुंचे। उन्होंने ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर विस्थापित परिवारों से मुलाकात की, राहत कार्यों की समीक्षा की और सरकारी सामुदायिक रसोई में बन रहे भोजन की गुणवत्ता की स्वयं जांच की।
गुरुवार सुबह करीब दस बजे जिलाधिकारी अधिकारियों के साथ खेरिया घाट पहुंचे और बड़ी देशी नाव पर सवार होकर दियारा के लिए रवाना हुए। एसडीआरएफ की तीन आधुनिक मोटरबोट ने पूरे रास्ते काफिले को एस्कॉर्ट किया। बाढ़ जनित बीमारियों के खतरे को देखते हुए डीएम ने डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की एक विशेष टीम को भी साथ रखा था।
खेरिया घाट से जलयात्रा करते हुए जिलाधिकारी गोबराही दियारा के दुर्गा स्थान टोला और घाट टोला पहुंचे। उन्होंने जलमग्न घरों, विस्थापित परिवारों के रहने के प्रबंध और पशुचारे की उपलब्धता का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। डीएम ने ग्रामीणों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को निर्देश दिया कि राहत सामग्री वितरण में किसी भी प्रकार की देरी न हो।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने गोबराही में संचालित सरकारी कम्युनिटी किचन का औचक मुआयना किया। उन्होंने भोजन के स्वाद, पौष्टिकता, स्वच्छता और खाद्यान्न भंडारण की जांच की। डीएम ने रसोई प्रभारियों को सख्त हिदायत दी कि शरणार्थियों और बच्चों को समय पर शुद्ध व पौष्टिक गर्म भोजन मिलना अनिवार्य है।
जिलाधिकारी के दौरे के बाद प्रशासन ने दियारा वासियों के आवागमन, सुरक्षित निकासी और राशन ढुलाई की सुगमता के लिए गंगा में नियमित बड़ी सरकारी नौकाएं तैनात करने का फैसला किया है। यह इलाका भौगोलिक रूप से गंगा पार होने के कारण प्रशासनिक पहुंच के लिहाज से हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा है।