डॉ अनुज सिंह का बड़ा दावा: 'हारे नहीं, बल्कि हजारों वोट रिजेक्ट कर मुझे हराया गया'
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह ने चुनाव परिणामों पर सवाल उठाते हुए प्रशासन पर धांधली और हजारों वोट रिजेक्ट करने का आरोप लगाया है।

पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव परिणामों ने अब एक नया राजनीतिक मोड़ ले लिया है। जन सुराज समर्थित प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह ने हार स्वीकार करने के बजाय चुनाव प्रक्रिया और प्रशासन पर ही गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने दावा किया है कि उन्हें चुनाव जीतने से रोकने के लिए उनके हजारों वैध वोटों को रिजेक्ट कर दिया गया।
हजारों वोट रिजेक्ट करने का लगाया आरोप
डॉ. अनुज सिंह ने गुरुवार को चुनाव परिणामों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया कि उनके चार से पांच हजार प्रथम वरीयता के मतों को रिजेक्ट कर दिया गया। उन्होंने कहा कि यदि यह वोट रिजेक्ट नहीं किए जाते, तो परिणाम कुछ और ही होता।
"हम हारे नहीं हैं, बल्कि अधिक संख्या में मतों को रिजेक्ट कर हमें हराया गया है।" — डॉ. अनुज सिंह
प्रशासन पर प्रतिद्वंद्वी की मदद का आरोप
डॉ. सिंह ने सरकारी तंत्र पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मतदान के दिन से लेकर मतगणना तक, शासन-प्रशासन ने उनके प्रतिद्वंद्वी की मदद की है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि सरकारी मशीनरी का इस तरह विरोध नहीं होता, तो वे निश्चित रूप से चुनाव जीत जाते। उन्होंने यह भी कहा कि नीरज कुमार की जीत में दूसरी वरीयता के मतों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण रही है।
चुनाव के आंकड़ों का विवरण
डॉ. अनुज सिंह ने प्राप्त वोटों के आंकड़ों का जिक्र करते हुए बताया कि मुकाबला काफी कड़ा था:
- डॉ. अनुज सिंह: 11,063 प्रथम वरीयता के वोट
- दिलीप कुमार: 14,191 वोट
- नीरज कुमार: 16,241 वोट
समर्थकों के संघर्ष को बताया जीत का आधार
हार के बावजूद डॉ. सिंह ने अपने समर्थकों का मनोबल बढ़ाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले से वोट नहीं बनवाए थे, लेकिन विधायक अनंत सिंह के समर्थकों और जन सुराज के कार्यकर्ताओं ने महज एक महीने की कड़ी मेहनत से उन्हें सम्मानजनक मत दिलाए। उन्होंने समर्थकों से अपील की कि वे इस परिणाम से निराश न हों और भविष्य में समाज के उत्थान के लिए एकजुट होकर काम करते रहें।