डॉ. दिनेश प्रसाद साह को मिला राष्ट्रीय बालसाहित्य सृजन सम्मान

बिहार के शिक्षा जगत से एक गौरवशाली खबर सामने आई है। दरभंगा जिले के प्रतिष्ठित शिक्षाविद डॉ. दिनेश प्रसाद साह को बाल साहित्य के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। राजस्थान के भीलवाड़ा में आयोजित एक विशेष समारोह में उन्हें इस प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा गया।
राजस्थान में आयोजित समारोह में मिला सम्मान
विनायक विद्यापीठ, भीलवाड़ा में आयोजित 27वें राष्ट्रीय बालसाहित्य संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह के दौरान यह उपलब्धि हासिल हुई। राजकीय डिग्री महाविद्यालय, कुशेश्वरस्थान पूर्वी के प्रभारी प्रधानाचार्य डॉ. दिनेश प्रसाद साह को ‘घीसूलाल सेन स्मृति राष्ट्रीय बालवाटिका सृजन सम्मान’ प्रदान किया गया।
सम्मान समारोह के दौरान उन्हें निम्नलिखित भेंट की गई:
- सम्मान-पत्र
- शॉल
- पुष्पगुच्छ
- श्रीफल
- 5100 रुपये की सम्मान राशि
बाल साहित्य और व्यक्तित्व निर्माण
समारोह के मुख्य अतिथि और सीएम साइंस कॉलेज के अंग्रेजी विभागाध्यक्ष डॉ. युगेश्वर साह ने इस अवसर पर बाल साहित्य की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि:
"बाल साहित्य बच्चों में संस्कार, संवेदना और व्यक्तित्व निर्माण का एक बेहद प्रभावी माध्यम है। इसके जरिए बच्चों में नैतिक मूल्यों और रचनात्मकता का विकास होता है।"
शिक्षा और संवेदना पर डॉ. साह के विचार
इस राष्ट्रीय सम्मान को प्राप्त करने के बाद डॉ. दिनेश प्रसाद साह ने अपनी खुशी साझा की और शिक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि आने वाली पीढ़ी के लिए शिक्षा का स्वरूप व्यापक होना चाहिए।
डॉ. साह के अनुसार, भावी पीढ़ी को ऐसी शिक्षा मिलनी चाहिए जिसमें:
- ज्ञान के साथ विवेक हो।
- उपलब्धि के साथ विनम्रता हो।
- अधिकार के साथ कर्तव्यबोध हो।
- और सफलता के साथ संवेदना भी जुड़ी हो।
बता दें कि इस दो दिवसीय राष्ट्रीय आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों से आए बाल साहित्यकारों, शिक्षाविदों और साहित्य प्रेमियों ने हिस्सा लिया, जिससे यह कार्यक्रम अत्यंत ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक रहा।