बिहार केशरी डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती: आधुनिक बिहार के निर्माता को नमन

भागलपुर में बुधवार को बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री और 'बिहार केशरी' के नाम से विख्यात डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती बड़े ही उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाई गई। पूर्व विधायक अजीत शर्मा के निवास पर स्थित कांग्रेस कैंप कार्यालय में आयोजित इस विशेष समारोह में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उन्हें याद किया और उनके प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
औद्योगिक क्रांति और सुशासन के प्रतीक
समारोह को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक अजीत शर्मा ने डॉ. श्रीकृष्ण सिंह के ऐतिहासिक योगदान पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि डॉ. सिंह केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि बिहार में औद्योगिक क्रांति के जनक थे। उनके दूरदर्शी नेतृत्व का ही असर था कि उनके कार्यकाल के दौरान बिहार देश के सबसे सुशासित राज्यों में से एक बनकर उभरा था।
सामाजिक सुधारों की दिशा में उनके साहसी कदमों को याद करते हुए शर्मा ने बताया कि डॉ. श्रीकृष्ण सिंह ने समाज के वंचित वर्गों को बराबरी का दर्जा दिलाने के लिए अभूतपूर्व कार्य किए थे। उन्होंने तत्कालीन बिहार के प्रसिद्ध बैद्यनाथ धाम मंदिर में दलितों के प्रवेश का मार्ग प्रशस्त किया, जो उस समय की एक बहुत बड़ी सामाजिक क्रांति थी।
"डॉ. श्रीकृष्ण सिंह का महान व्यक्तित्व और उनके द्वारा किए गए कार्य आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करते रहेंगे। उनके बताए रास्तों पर चलना ही उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।"
स्वतंत्रता संग्राम में अमूल्य योगदान
पूर्व विधायक ने आगे कहा कि देश की आजादी की लड़ाई में भी डॉ. सिंह का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण और अमूल्य रहा है। उनके नेतृत्व ने न केवल बिहार को एक नई दिशा दी, बल्कि आधुनिक बिहार की मजबूत नींव भी रखी।
कार्यक्रम में मौजूद प्रमुख नेता
इस अवसर पर बिहार प्रदेश कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से निम्नलिखित लोग शामिल थे:
- डॉ. अभय आनंद (बिहार प्रदेश कांग्रेस प्रतिनिधि)
- मुजफ्फर अहमद
- बिपिन विहारी यादव
- सोइन अंसारी (बाँका जिला प्रभारी)
- ई. रवि कुमार
- पार्षद नेजाहत अंसारी और जाबीर अंसारी
- सैफुल्लाह अंसारी, जुम्मन अंसारी, ज्योति यादव
- मिनाक्षी रॉयल, डॉ. प्रदीप सिंह, बंटी कु. दास
- रमीज राजा, उषा रानी और अरविन्द झा