नशामुक्त बिहार अभियान: कटिहार के स्कूलों में छात्रों ने ली शपथ
कटिहार के स्कूलों में नशामुक्त बिहार अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहाँ छात्रों ने नशे से दूर रहने का संकल्प लिया।

बिहार को नशे की गिरफ्त से बाहर निकालने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। कटिहार जिले में नशामुक्त बिहार अभियान के दूसरे चरण 'गाँव का संकल्प' के तहत गुरुवार को विभिन्न विद्यालयों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने नशा न करने और समाज को इससे बचाने की सामूहिक शपथ ली।
प्रशासन और संस्थाओं की संयुक्त पहल
जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में मद्य निषेध विभाग, प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय और जीविका ने मिलकर भागीदारी की। इस त्रिस्तरीय साझा अभियान का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी और ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति सचेत करना है, ताकि जनसहभागिता के माध्यम से एक नशामुक्त समाज का निर्माण किया जा सके।
नशे से बर्बाद होते परिवार और समाज
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने छात्र-छात्राओं और स्थानीय नागरिकों को नशे की लत से होने वाली गंभीर क्षति के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नशा किस प्रकार निम्नलिखित तरीकों से नुकसान पहुंचाता है:
- शारीरिक और मानसिक क्षति: नशे के कारण व्यक्ति का स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन पूरी तरह बिगड़ सकता है।
- आर्थिक नुकसान: नशे की लत परिवार की आर्थिक स्थिति को तबाही की कगार पर पहुंचा देती है।
- सामाजिक प्रभाव: यह हंसते-खेलते परिवारों को बर्बाद कर देता है और सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचाता है।
युवाओं को बनाया समाज का मार्गदर्शक
एक स्वस्थ, सशक्त और प्रगतिशील समाज के निर्माण में विद्यार्थियों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया गया। युवाओं को समाज का सच्चा मार्गदर्शक बताते हुए उनसे आह्वान किया गया कि वे स्वयं हर प्रकार के व्यसन से दूर रहें और अपने परिवार, टोले तथा पूरे गांव को नशामुक्त बनाने में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
इस अभियान का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक जागरूकता फैलाना है, ताकि राज्य सरकार के नशामुक्त बिहार के संकल्प को धरातल पर पूरी तरह साकार किया जा सके।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों ने नशामुक्ति के इस संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का दृढ़ निश्चय किया।