जतिया पर्व में मातम: पूर्वी चंपारण में तालाब में डूबने से 4 बच्चियों की मौत

Ghazala Saheb3 October 20262 min read0 viewsBihar
जतिया पर्व में मातम: पूर्वी चंपारण में तालाब में डूबने से 4 बच्चियों की मौत

बिहार के पूर्वी चंपारण जिले से एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां जतिया पर्व के दौरान खुशियां मातम में बदल गईं। पहारपुर थाना क्षेत्र के बनकट नूनिया टोली में तालाब में नहाने के दौरान चार बच्चियों की डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे में एक बच्ची को ग्रामीणों की मदद से सुरक्षित बचा लिया गया है, लेकिन चार मासूमों की जान नहीं बचा सके।

कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?

मिली जानकारी के अनुसार, जतिया व्रत के अनुष्ठान के लिए गांव की महिलाएं अपने बच्चों के साथ तालाब पर स्नान करने गई थीं। स्नान के दौरान अचानक पांच बच्चियां गहरे पानी में डूबने लगीं। पानी का स्तर काफी अधिक होने के कारण बच्चियां खुद को संभाल नहीं पाईं।

हादसे के वक्त गांव में चीख-पुकार मच गई। एक बच्ची चिल्लाती हुई वापस भागकर आई, जिससे ग्रामीणों को घटना का पता चला। स्थानीय लोगों ने तुरंत तालाब में छलांग लगाकर बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद एक बच्ची को तो बाहर निकाल लिया, पर चार बच्चियों की मौत हो चुकी थी।

मृतक बच्चियों की पहचान

सदर अस्पताल, मोतिहारी के प्रबंधक कौशल किशोर दुबे ने बताया कि चारों बच्चियों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। मृतकों की पहचान इस प्रकार है:

  • सोनमती कुमारी (12 वर्ष) और उसकी बहन फुलमती कुमारी (10 वर्ष), दोनों प्रमोद महतो की पुत्रियां।
  • सोनाली कुमारी (11 वर्ष), वीरेंद्र महतो की पुत्री।
  • प्रतिमा कुमारी (10 वर्ष), अछेलल पासवान की पुत्री।
"बच्चे परिवार की महिलाओं के साथ तालाब में गए थे। पानी का स्तर बहुत ऊंचा था। अचानक पांच बच्चियां डूबने लगीं। एक बच्ची चिल्लाती हुई वापस आई, जिससे हमें पता चला कि बच्चे डूब रहे हैं। हमने कोशिश की, लेकिन चार बच्चियों की जान चली गई, जिनमें मेरी दो बेटियां भी शामिल हैं।"
— प्रमोद महतो (पीड़ित पिता)

प्रशासन से मुआवजे की मांग

इस दुखद घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन शुरू कर दी। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय एलजेपी (रामविलास) विधायक और पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजू तिवारी भी सदर अस्पताल पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी।

विधायक राजू तिवारी ने इस घटना को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित परिवारों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए आपदा राहत कोष से जल्द से जल्द उचित मुआवजा प्रदान किया जाए।

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