अति पिछड़ा आयोग के सदस्य ने अररिया में किया पंचायत का दौरा

अररिया के फारबिसगंज में अति पिछड़ा आयोग के सदस्य केदारनाथ भंडारी ने किरकिचिया पंचायत का दौरा कर विकास योजनाओं की समीक्षा की।

Ghazala Saheb5 November 20262 min read0 viewsBihar
अति पिछड़ा आयोग के सदस्य ने अररिया में किया पंचायत का दौरा

अररिया जिले के फारबिसगंज प्रखंड अंतर्गत किरकिचिया पंचायत में गुरुवार को विकास कार्यों की समीक्षा की गई। अति पिछड़ा आयोग के सदस्य केदारनाथ भंडारी ने अधिकारियों की टीम के साथ पंचायत में चल रही विभिन्न सरकारी योजनाओं और कार्यों का जमीनी स्तर पर जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को भी सुना।

ग्रामीणों ने किया भव्य स्वागत

किरकिचिया पंचायत में अति पिछड़ा आयोग के सदस्य का यह पहला दौरा था। इस विशेष अवसर पर मुखिया प्रतिनिधि कफिल अंसारी के नेतृत्व में स्थानीय ग्रामीणों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। ग्रामीणों ने उन्हें फूलमाला और बुके भेंट कर सम्मानित किया, वहीं मुखिया प्रतिनिधि ने उन्हें शॉल ओढ़ाकर उनका अभिनंदन किया।

पंचायत सरकार भवन में हुआ सीधा संवाद

पंचायत सरकार भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान केदारनाथ भंडारी ग्रामीणों के बीच पहुंचे। उन्होंने सरकार द्वारा अति पिछड़ा वर्ग के उत्थान के लिए चलाई जा रही महत्वाकांक्षी योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने ग्रामीणों को बताया कि सरकार समाज के हर वर्ग को मुख्यधारा में लाने के लिए प्रतिबद्ध है।

आरक्षण और सामाजिक उत्थान पर जोर

मौके पर ग्रामीणों को संबोधित करते हुए आयोग के सदस्य ने कहा कि पंचायत चुनावों में एससी, एसटी और अति पिछड़ा वर्गों को मिले आरक्षण ने समाज के उत्थान में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इससे समाज के वंचित वर्गों को निर्णय लेने की प्रक्रिया और विकास में भागीदारी का अवसर मिला है।

मौके पर मौजूद रहे कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि

इस निरीक्षण और संवाद कार्यक्रम के दौरान पंचायत के कई महत्वपूर्ण अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:

  • डीपीआरओ मनीष कुमार
  • बीडीओ और बीपीआरओ
  • मुखिया प्रतिनिधि रियाज अनवर
  • वार्ड सदस्य सुपेन ऋषिदेव, कुंदन वैश्यंत्री, आनंदी मंडल और संजय पासवान
  • स्वच्छताकर्मी राजेश राय, दिलीप मंडल, रुपेश यादव, पिंटू यादव, दीपक यादव और सद्दाम आलम
  • किरण देवी, सुलेखा देवी, मंजुला देवी, नूतन देवी और बलराम ऋषिदेव
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