एकनाथ शिंदे दिवाली: दिव्यांगों संग खुशियां बांटी, किसानों को भी राहत
एकनाथ शिंदे दिवाली के अवसर पर दिव्यांगों के साथ शामिल हुए और संकटग्रस्त किसानों के लिए राहत राशि का ऐलान किया।

मुंबई में एकनाथ शिंदे दिवाली के खास अंदाज में नजर आए, जहां उन्होंने दिव्यांगजनों के साथ मिलकर खुशियां बांटीं और इसे एक बेहद सुखद और अनोखा अनुभव बताया। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांग समाज का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है।
दिव्यांगों के सशक्तिकरण के लिए उठाए गए कदम
मीडिया से बातचीत के दौरान शिंदे ने अपने कार्यकाल की उपलब्धियां साझा कीं। उन्होंने बताया कि जब वे मुख्यमंत्री थे, तब दिव्यांगों के कल्याण के लिए एक स्वतंत्र 'दिव्यांगजन अधिकारिता विभाग' बनाया गया था। उन्होंने कहा, "दिव्यांगजन हमारे परिवार का हिस्सा हैं। हमने उन्हें समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं और कई लोगों को रोजगार भी प्रदान किया है ताकि वे अपने परिवार का भरण-पोषण सम्मान के साथ कर सकें।"
संकट में किसानों के साथ खड़ी रहेगी सरकार
दिव्यांगों के साथ खुशियां बांटने के बाद, शिंदे ने किसानों के प्रति भी अपनी संवेदनशीलता दिखाई। उन्होंने घोषणा की कि सोमवार को राज्य के मंत्री सूखे और अन्य संकटों से जूझ रहे किसानों के बीच जाएंगे और उनके साथ दिवाली मनाएंगे।
"हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों की दिवाली अंधेरे में न बीते। वे भी अन्य आम लोगों की तरह उत्सव मना सकें। सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है, उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है।"
तत्काल राहत राशि की घोषणा
सरकार ने संकट झेल रहे किसानों को तुरंत सहायता देने के लिए 5,000 रुपये की राहत राशि देने का निर्णय लिया है। इसके अलावा, सूखे की स्थिति से निपटने के लिए अन्य आवश्यक लाभ और सहायता भी जल्द ही किसानों तक पहुंचाई जाएगी ताकि वे इस त्योहार को खुशी-खुशी मना सकें।