'देश के इतिहास का काला दिन': राहुल गांधी पर बरसे एक्नाथ शिंदे

Prakriti Singh13 October 20262 min read0 viewsMaharashtra
'देश के इतिहास का काला दिन': राहुल गांधी पर बरसे एक्नाथ शिंदे

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एक्नाथ शिंदे ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और INDIA गठबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने के लिए निकाले गए मार्च को शिंदे ने देश के इतिहास का 'काला दिन' बताया है। उन्होंने इस कदम को देश की सर्वोच्च न्यायपालिका का अपमान करार देते हुए 140 करोड़ भारतीयों से माफी की मांग की है।

न्यायपालिका पर दबाव बनाने की कोशिश

एक्नाथ शिंदे ने कहा कि याचिका दायर करने के लिए इस तरह का मार्च निकालना एक अभूतपूर्व घटना है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और विपक्षी नेता न्यायपालिका पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। शिंदे के अनुसार:

"याचिका दायर करने के लिए मार्च निकालना कोई मजाक नहीं है। यह भारत के सर्वोच्च न्यायालय पर हमला है और देश की न्यायपालिका का अपमान है। उन्हें भारत के 140 करोड़ लोगों से माफी मांगनी चाहिए।"

संविधान और लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप

उपमुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों पर दोहरा चरित्र अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जो लोग दावा करते हैं कि संविधान और लोकतंत्र खतरे में हैं, वे स्वयं ही संविधान को कमजोर करने और लोकतंत्र का गला घोंटने का काम कर रहे हैं। शिंदे ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर हो रहे विरोध प्रदर्शनों को देश के लिए खतरनाक बताया। उन्होंने संकेत दिया कि कई विदेशी ताकतें, विशेष रूप से चीन, भारत को अस्थिर करने की कोशिश कर रही हैं।

'शिव की बारात' वाले बयान पर तीखा प्रहार

राहुल गांधी द्वारा मार्च की तुलना 'शिव की बारात' से किए जाने पर शिंदे ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने इसे भगवान शंकर का अपमान बताया और चेतावनी देते हुए कहा:

  • राहुल गांधी ने मार्च की तुलना शिव की बारात से करके गलत आधार चुना है।
  • यह भगवान शंकर का स्पष्ट अपमान है।
  • यदि भगवान शंकर ने अपनी तीसरी आंख खोल दी, तो पूरा INDIA गठबंधन जलकर राख हो जाएगा।

शिंदे ने आगे कहा कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री मोदी को हराने में विफल रहे हैं, इसलिए अब वे अराजकता और 'वोट चोरी' जैसे काल्पनिक आरोप लगाकर देश को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने राहुल गांधी के रवैये की तुलना अब्राहम लिंकन के "शासन करो या नष्ट करो" (Rule or ruin) वाले सिद्धांत से की।

Share:

Comments

Leave a comment