नशे को कहें 'ना': सहरसा में आबकारी विभाग का बड़ा जागरूकता अभियान

सहरसा के सिमरी बख्तियारपुर में आबकारी विभाग ने नशा मुक्ति अभियान शुरू किया है। LED स्क्रीन के जरिए युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

Ghazala Saheb31 October 20262 min read0 viewsBihar
नशे को कहें 'ना': सहरसा में आबकारी विभाग का बड़ा जागरूकता अभियान

बिहार में नशे की लत को जड़ से खत्म करने के लिए आबकारी विभाग ने एक व्यापक अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं को शराब और अन्य नशीले पदार्थों के सेवन से बचाना और एक स्वस्थ समाज का निर्माण करना है। इसी कड़ी में, शुक्रवार की रात सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर स्टेशन चौक पर एक विशेष सार्वजनिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

'नशा मुक्त वाहिनी' के जरिए दी गई जानकारी

आबकारी विभाग के पटना मुख्यालय से मिले निर्देशों के बाद, सहरसा आबकारी विभाग ने इस अभियान को जमीन पर उतारा है। कार्यक्रम के दौरान 'नशा मुक्त वाहिनी' नामक वाहन का उपयोग किया गया, जो अत्याधुनिक तकनीक से लैस है। इस वाहन में लगी बड़ी LED स्क्रीन के माध्यम से लोगों को नशे के विभिन्न दुष्प्रभावों से संबंधित डॉक्यूमेंट्री फिल्में दिखाई गईं।

नशे से होने वाले नुकसानों पर जोर

प्रदर्शित की गई फिल्मों में विस्तार से बताया गया कि कैसे नशे की लत न केवल एक व्यक्ति को, बल्कि उसके पूरे परिवार और समाज को बर्बाद कर देती है। डॉक्यूमेंट्री में निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं पर प्रकाश डाला गया:

  • आर्थिक तंगी: नशे की लत के कारण परिवारों को गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ता है।
  • स्वास्थ्य पर प्रभाव: शराब और ड्रग्स के सेवन से शरीर और मस्तिष्क पर पड़ने वाले घातक प्रभाव।
  • मानसिक स्वास्थ्य: नशे के कारण होने वाली मानसिक बीमारियां और व्यवहार में बदलाव।
नशे की बढ़ती प्रवृत्ति युवाओं के भविष्य के लिए एक गंभीर खतरा है। हमारा लक्ष्य युवाओं को एक उत्पादक और सही रास्ते की ओर मोड़ना है।

आबकारी विभाग ने इस अभियान के माध्यम से जनता से अपील की है कि वे नशीले पदार्थों से दूर रहें और एक नशा मुक्त समाज बनाने में अपना योगदान दें। विभाग का मानना है कि इस तरह की पहलों से समाज में सकारात्मक बदलाव आएगा और नशे के खिलाफ जन जागरूकता बढ़ेगी।

Share:

Comments

Leave a comment