चुनाव आयोग के खिलाफ 'फर्जी नैरेटिव' ध्वस्त, फडणवीस का बड़ा बयान

Prakriti Singh2 October 20262 min read0 viewsMaharashtra
चुनाव आयोग के खिलाफ 'फर्जी नैरेटिव' ध्वस्त, फडणवीस का बड़ा बयान

मुंबई में चुनाव आयोग (Election Commission) के खिलाफ चल रहे विवाद के बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि चुनाव आयोग के खिलाफ जो 'फर्जी नैरेटिव' (fake narrative) गढ़ा जा रहा था, वह अब पूरी तरह से बेनकाब हो चुका है।

फडणवीस का पलटवार: 'झूठ का पर्दाफाश हो चुका है'

मुंबई में पत्रकारों से बातचीत के दौरान देवेंद्र फडणवीस ने कहा, "पूरा मामला अब उजागर हो चुका है। तीन चुनाव आयुक्तों द्वारा आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद, उनका फर्जी नैरेटिव ध्वस्त हो गया है। इसके बावजूद, अभी भी इस झूठ को फैलाने की कोशिशें की जा रही हैं, लेकिन वे सफल नहीं होंगे।"

शिवाजी पार्क में CJP का जोरदार विरोध प्रदर्शन

यह बयान ऐसे समय में आया है जब मुंबई के शिवाजी पार्क में 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) और अन्य नागरिक समाज संगठनों द्वारा चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जा रहा था। प्रदर्शनकारियों ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाया है।

CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला करते हुए उन्हें 'देशद्रोही' करार दिया। उन्होंने कहा, "हम आज मुंबई से इसकी शुरुआत कर रहे हैं। यह एक बहुत बड़ा आंदोलन होगा। पिछली बार की तरह, इस बार भी देश की युवा पीढ़ी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के लिए सड़कों पर उतरेगी।" प्रदर्शन के मद्देनजर शिवाजी पार्क में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।

स्थानीय निवासियों ने जताई भारी नाराजगी

जहाँ एक ओर प्रदर्शनकारी अपनी मांगें रख रहे थे, वहीं शिवाजी पार्क के स्थानीय निवासियों ने इस विरोध प्रदर्शन से होने वाली असुविधा पर कड़ी आपत्ति जताई। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन प्रदर्शनों से आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है।

  • आम जनता की परेशानी: स्थानीय निवासी सुनील भागवत ने कहा कि लोग पार्क में टहलने आते हैं, लेकिन बार-बार होने वाले प्रदर्शनों से आम लोगों को काफी दिक्कत होती है। उन्होंने सवाल उठाया कि आम आदमी की समस्याओं के लिए कौन जिम्मेदार है?
  • सुरक्षा और यातायात का मुद्दा: निवासी रवींद्र ने पिछले प्रदर्शनों का हवाला देते हुए बताया कि भीड़ के कारण यातायात पूरी तरह ठप हो जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले प्रदर्शन के दौरान स्थिति इतनी खराब थी कि भीड़ के बीच शराब की बोतलें भी फेंकी गई थीं। उन्होंने स्कूलों और अस्पतालों के पास होने वाले इन प्रदर्शनों से होने वाली असुविधा पर भी चिंता जताई।
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