"लोकतंत्र बदलने की कोशिश": CEC के खिलाफ प्रदर्शन पर फडणवीस का बड़ा हमला

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के खिलाफ किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस प्रदर्शन को लोकतंत्र को अस्थिर करने और संवैधानिक संस्थाओं की छवि बिगाड़ने की एक सोची-समझी साजिश करार दिया है।
संविधान को कमजोर करने की साजिश
फडणवीस ने आरोप लगाया कि यह विरोध प्रदर्शन लोगों के मन में यह धारणा बनाने के लिए किया जा रहा है कि संविधान द्वारा स्थापित संस्थाएं अब प्रभावी नहीं रही हैं। उन्होंने कहा कि यह पूरी कवायद संविधान को नकारने के इरादे से की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा, "यह बेहद कट्टरपंथी वामपंथी तत्वों द्वारा लोकतंत्र को बदलने का एक प्रयास है।"
पुलिस पर आरोपों को बताया निराधार
मुंबई कांग्रेस द्वारा पुलिस पर लगाए गए आरोपों को फडणवीस ने पूरी तरह से गलत बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुंबई पुलिस पूरी तरह से पेशेवर है और उनका काम किसी को रोकना नहीं है।
छात्रों के मुद्दों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की समस्याओं को हल करने के प्रति सकारात्मक है। हालांकि, उन्होंने NSUI पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके पदाधिकारी यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि आंदोलन खत्म न हो। फडणवीस ने चेतावनी दी कि "अगर कोई अपने नेता के लिए राजनीति कर रहा है, तो उसका जवाब राजनीतिक रूप से दिया जाएगा।"
क्या है पूरा विवाद?
यह विरोध प्रदर्शन विपक्षी गठबंधन 'INDIA bloc' द्वारा शुरू किए गए "लोकतंत्र बचाओ" अभियान का हिस्सा है। यह विवाद तब गहराया जब मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि दो चुनाव आयुक्तों, सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने कुछ प्रक्रियाओं के दौरान आपत्तियां उठाई थीं। हालांकि, चुनाव आयोग ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि सभी निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए थे।