बिहार के हित में फरक्का जल संधि पर पुनर्विचार जरूरी: संजय कुमार झा

बिहार के खगड़िया जिले में जदयू की ओर से फरक्का जल संधि पर नीतीश संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा, प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा, कई विधायक और बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान एक डाॅक्यूमेट्री फिल्म दिखाई गई और पम्फलेट बांटे गए।
संधि का नवीनीकरण नहीं होना चाहिए
राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने कहा कि 1996 में हुई यह संधि बिहार के हित में नहीं है, इसलिए इसका नवीनीकरण नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस संधि के कारण बिहार का जल-प्रबंधन बिगड़ गया है और राज्य गंभीर जल-संकट का सामना कर रहा है।
बिहार की आंतरिक नदियों से भी दिया जा रहा है पानी
उन्होंने बताया कि शुष्क मौसम में गंगा का प्रवाह कम होने पर भी फरक्का से बांग्लादेश के लिए भारी मात्रा में पानी छोड़ना पड़ता है, जिससे बिहार की आंतरिक नदियों से भी पानी खींचकर दिया जा रहा है। यह सीधे तौर पर बिहार की हकमारी है।
बाढ़ और सूखे का सामना कर रहा है बिहार
प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि फरक्का बराज के कारण गंगा में गाद जमा होने से उत्तर बिहार को बाढ़ का सामना करना पड़ता है, जबकि शुष्क मौसम में पानी बांग्लादेश को देने से कई जिलों में सूखे की स्थिति हो जाती है। यह अंतर्राष्ट्रीय संधि का 73 प्रतिशत बोझ अकेले बिहार उठा रहा है।