फरक्का जल संधि पर नीतीश संवाद को मिल रहा भारी जनसमर्थन, जदयू नेताओं ने दी जानकारी

अररिया में जदयू नेताओं ने फरक्का जल संधि पर नीतीश संवाद कार्यक्रम के उद्देश्यों की जानकारी दी। इस अभियान के तहत गंगा किनारे बसे बिहार के 12 जिलों में संवाद किया जा रहा है। कार्यक्रम का शुभारंभ 5 सितंबर को बक्सर से हुआ और समापन कटिहार में होगा।
फरक्का जल संधि से बिहार को नुकसान
जदयू का स्पष्ट स्टैंड है कि 1996 की यह संधि बिहार के हित में नहीं है। इस संधि के कारण बिहार का जल-प्रबंधन बिगड़ा है और गंभीर जल संकट पैदा हो गया है। शुष्क मौसम में कम पानी होने पर भी बांग्लादेश को पानी देना पड़ता है, जिससे बिहार की आंतरिक नदियों का पानी भी खींचा जा रहा है।
बाढ़ और सूखे की समस्या
फरक्का बराज के कारण गंगा में गाद जमा होने से उत्तर बिहार को हर साल बाढ़ का सामना करना पड़ता है। वहीं शुष्क मौसम में कई जिलों में सूखे की स्थिति हो जाती है। इस अंतरराष्ट्रीय संधि का 73 फीसदी भार अकेले बिहार उठा रहा है।
व्यापक जनसमर्थन
फरक्का जल संधि पर नीतीश संवाद अभियान को व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है। यह पहल किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं बल्कि बिहार के हक और हित की बात है। वार्ता में जिलाध्यक्ष पवन मिश्रा, पूर्व विधायक अचमित ऋषिदेव समेत कई नेता मौजूद रहे।