किसान नेताओं दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव ने एसएसपी और इंस्पेक्टर पर लगाए पिटाई और यातना के गंभीर आरोप

Prakriti Singh20 August 20262 min read19 viewsUttar Pradesh
किसान नेताओं दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव ने एसएसपी और इंस्पेक्टर पर लगाए पिटाई और यातना के गंभीर आरोप

भारतीय किसान यूनियन बीआर आंबेडकर के अध्यक्ष डॉ. दिग्विजय भाटी और उनके साथी मोहित जाटव ने एसएसपी अविनाश पांडेय और सिविल लाइन थाने के प्रभारी अखिलेश गौड़ पर पीटने और यातनाएं देने का गंभीर आरोप लगाया है। मेरठ में दलित छात्रा ललिता गौतम मर्डर केस में हुए प्रदर्शन और लाठीचार्ज के मामले में यह कार्रवाई सामने आई है। इस खबर के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • डॉ. दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव ने एसएसपी और इंस्पेक्टर पर मारपीट का आरोप लगाया।
  • एसएसपी कार्यालय और स्वॉट कार्यालय में बर्बरता से पीटने का दावा किया गया।
  • गंभीर हालत होने पर डॉक्टरों को थाने बुलाया गया और बाद में परिजनों के सुपुर्द किया गया।
  • रवि गौतम कमिश्नरी पार्क में धरने पर बैठे और एसएसपी तथा एसपी देहात के निलंबन की मांग की।

एसएसपी कार्यालय और स्वॉट कार्यालय में मारपीट का आरोप

भाटी के अनुसार, बुधवार को वह मोहित जाटव के साथ एसएसपी कार्यालय गए थे। एसएसपी अविनाश पांडेय के पहुंचने के पांच मिनट बाद उन्हें अंदर बुलवाया गया। आरोप है कि भाटी का नाम सुनते ही एसएसपी भड़क गए और कहा कि तुम वही हो, जिसने कलक्ट्रेट गेट पर हंगामा किया था। आरोप है कि कार्यालय में ही एसएसपी ने दोनों को पीटा। इसके बाद सिविल लाइन इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़ उन्हें स्वॉट कार्यालय पुलिस लाइन लेकर गए। यहां अखिलेश गौड़ और उनकी टीम ने भी मोहित और भाटी की पिटाई की। रात में उन्हें सिविल लाइन थाने ले जाया गया। आरोप है कि पिटाई से उनकी आंखों से खून आ गया। इसके बाद पुलिस ने आंखों और दिमाग के डाक्टरों को थाने में बुलाया। उन्होंने हालत गंभीर बताई। इसके बाद इंस्पेक्टर ने भाटी के परिजनों को बुलाकर उनके सुपुर्द कर दिया। किसान नेताओं का आरोप है कि एसएसपी ने अपने चैंबर में डेढ़ घंटे तक पीटा और SOG ऑफिस में इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़ ने बांधकर मारा।

रवि गौतम कमिश्नरी पार्क में धरने पर बैठे

कलक्ट्रेट गेट पर बवाल करने के आरोपी रवि गौतम कमिश्नरी पार्क में बृहस्पतिवार रात को धरने पर बैठ गए। उनका कहना है कि एसएसपी का तबादला हो गया है, लेकिन इस तबादले की कार्रवाई से वह संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा कि एसएसपी अविनाश पांडेय और एसपी देहात अभिजीत के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही, आय से अधिक संपत्ति की जांच भी कराई जाए।

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