अररिया: वित्तीय साक्षरता कार्यशाला में महिलाओं ने सीखे निवेश के गुर

अररिया जिले में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और जागरूक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मंगलवार को समाहरणालय स्थित परमान सभागार में महिला विकास निगम की ओर से एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य विषय 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' के साथ-साथ 'वित्तीय साक्षरता एवं सेवानिवृत्ति' रहा।
पेंशन और निवेश की बारीकियों को समझा
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य महिला कर्मियों और पर्यवेक्षिकाओं को भविष्य की आर्थिक सुरक्षा के प्रति जागरूक करना था। कार्यशाला में मुख्य प्रशिक्षक के रूप में पटना से आए सेबी (SEBI) के प्रतिनिधि मिथलेश कुमार ने शिरकत की। उन्होंने प्रतिभागियों को विस्तार से समझाया कि कैसे सही वित्तीय योजना बनाकर एक सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित किया जा सकता है।
कार्यशाला के दौरान निम्नलिखित महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा की गई:
- ईपीएफ (EPF): भविष्य निधि के लाभ और इसके प्रबंधन की जानकारी।
- म्यूचुअल फंड: निवेश के आधुनिक तरीकों और जोखिम प्रबंधन के बारे में।
- पेंशन योजनाएं: सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक स्थिरता के लिए विभिन्न सरकारी और निजी योजनाओं की जानकारी।
सवाल-जवाब सत्र में दूर किए वित्तीय भ्रम
कार्यक्रम के दौरान केवल व्याख्यान ही नहीं हुआ, बल्कि संवाद का भी भरपूर अवसर मिला। समेकित बाल विकास परियोजना की महिला पर्यवेक्षिकाओं और महिला विकास निगम के कर्मियों ने वित्तीय प्रबंधन से जुड़े कई जटिल सवाल पूछे। प्रतिभागियों ने अपनी बचत और निवेश को लेकर अपनी शंकाओं का समाधान किया, जिससे उन्हें भविष्य की योजना बनाने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम का कुशल संचालन जिला मिशन समन्वयक सोहेब रूमी ने किया। कार्यशाला के समापन पर लैंगिक विशेषज्ञ ने सभी प्रतिभागियों और प्रशिक्षकों का धन्यवाद ज्ञापन किया। इस आयोजन से जिले की महिला कर्मियों में वित्तीय प्रबंधन को लेकर एक नई समझ विकसित हुई है।