फारबिसगंज: धूल और अस्पताल के कचरे से छठव्रतियों की बढ़ी मुश्किलें
फारबिसगंज में उड़ती धूल और अस्पताल के कचरे से छठव्रतियों और आम लोगों को हो रही परेशानी को लेकर बजरंग दल ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।

अररिया जिले के फारबिसगंज में इन दिनों उड़ती धूल और गंदगी ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। महापर्व छठ के पावन अवसर पर जहां श्रद्धालु अपनी पूजा की तैयारियों में जुटे हैं, वहीं शहर की बदहाल स्थिति उनके लिए बड़ी चुनौती बन गई है। इस समस्या को लेकर बजरंग दल के पूर्व जिला संयोजक मनोज सोनी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने एसडीएम को एक ज्ञापन सौंपा। एसडीएम की अनुपस्थिति में यह ज्ञापन कार्यालय के बड़े बाबू को सौंपा गया।
उड़ती धूल से सांस लेना हुआ दूभर
ज्ञापन में बताया गया है कि फारबिसगंज शहर में लगातार उड़ रही धूल और मिट्टी के कारण आम लोगों के साथ-साथ छठव्रतियों को भी भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। छठ पूजा के लिए बाजार में बड़ी संख्या में श्रद्धालु खरीदारी करने पहुंच रहे हैं, लेकिन बेतरतीब उड़ती धूल उनके अनुभव को खराब कर रही है।
कार्यकर्ताओं ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह धूल सीधे नाक और मुंह के जरिए शरीर में प्रवेश कर रही है, जिससे लोगों का सांस फूलना और अन्य घातक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने मांग की है कि शहर में विशेष सफाई अभियान चलाया जाए और सड़कों पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव सुनिश्चित किया जाए।
अस्पताल के कचरे से संक्रमण का खतरा
दूसरी गंभीर समस्या रेफरल रोड पर वार्ड नंबर 7 में स्थित एक निजी अस्पताल के सामने फैली गंदगी को लेकर है। डॉ. आशुतोष कुमार के अस्पताल के सामने एक निजी जमीन पर चिकित्सा कचरा फेंका जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों और मवेशियों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि ऑपरेशन का कचरा और मानव अंग सड़कों पर बिखरे हुए हैं, जिन्हें मवेशी इधर-उधर फैला देते हैं। चूंकि छठ महापर्व के दौरान इस मार्ग से सैकड़ों श्रद्धालु गुजरते हैं, इसलिए यह स्थिति अत्यंत संवेदनशील और स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरी है।
बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने एसडीएम से इस मामले पर अविलंब संज्ञान लेने और इन समस्याओं से निजात दिलाने की मांग की है। इस दौरान मनोज सोनी के साथ करण कुमार चंद्रवंशी, अंकित कुमार और विश्वराज कुमार भी मौजूद रहे।