फारबिसगंज नगर परिषद कर्मियों का ऐलान: 3 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल
फारबिसगंज नगर परिषद के कर्मचारी 11 सूत्री मांगों को लेकर 3 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दे रहे हैं।

अररिया जिले के फारबिसगंज नगर परिषद में कर्मचारियों ने प्रशासन के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। नगर परिषद कर्मचारी संघ की एक महत्वपूर्ण बैठक में यह निर्णय लिया गया कि यदि उनकी 11 सूत्री मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया, तो वे 3 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। इससे पहले, अपनी मांगों के समर्थन में कर्मचारी 30 अक्टूबर को नगर परिषद कार्यालय के मुख्य द्वार पर जोरदार प्रदर्शन करेंगे।
11 सूत्री मांगों को लेकर गहरा आक्रोश
संघ के अध्यक्ष सूरज कुमार सोनू की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कर्मचारियों ने अपनी लंबित समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से उनकी मांगें अनसुनी की जा रही हैं। उनकी प्रमुख मांगों में शामिल हैं:
- पिछली आठ दिवसीय हड़ताल के दौरान बकाया वेतन का तत्काल भुगतान।
- आंदोलन के दौरान कर्मचारियों पर की गई दंडात्मक कार्रवाई को वापस लेना।
- सेवा अभिलेखों (Service Books) का नियमित रखरखाव और समय पर वेतन का भुगतान।
- भविष्य निधि (PF) और कर्मचारी राज्य बीमा (ESI) की राशि का समय पर जमा होना।
- अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति के लंबित मामलों का निपटारा।
- सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पेंशन और अन्य बकाया दावों का समाधान।
संविदा कर्मियों के साथ अन्याय का आरोप
बैठक में दैनिक और संविदा कर्मियों की समस्याओं पर भी तीखी चर्चा हुई। कर्मचारियों ने बताया कि 2 नवंबर 2021 को बोर्ड की बैठक में उनके मानदेय में प्रतिवर्ष पांच प्रतिशत वृद्धि का प्रस्ताव पारित किया गया था, लेकिन प्रशासन ने अब तक इसे लागू नहीं किया है। इसके अलावा, आठ दर्जन से अधिक दैनिक कर्मचारियों को पिछले आठ वर्षों से भविष्य निधि (PF) का लाभ नहीं मिल पा रहा है, जिसे कर्मचारी एक गंभीर समस्या मान रहे हैं।
प्रशासन पर भेदभावपूर्ण नीति अपनाने का आरोप
संघ अध्यक्ष सूरज कुमार सोनू ने नगर परिषद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रशासन दोहरी नीति अपना रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सेवा पुस्तिका तैयार करने की प्रक्रिया में भेदभाव किया जा रहा है और अधिकांश महादलित समुदाय के कर्मचारी इससे वंचित रह गए हैं, जिससे कर्मियों में भारी नाराजगी है।
कर्मचारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि 30 अक्टूबर के प्रदर्शन के बाद भी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं हुई, तो 3 नवंबर से नगर परिषद का कामकाज पूरी तरह ठप कर दिया जाएगा।