फारबिसगंज में रंगदारी मामले ने लिया सियासी रूप, विधायक ने की निष्पक्ष जांच की मांग

Ghazala Saheb6 September 20262 min read8 viewsBihar
फारबिसगंज में रंगदारी मामले ने लिया सियासी रूप, विधायक ने की निष्पक्ष जांच की मांग

अररिया में फारबिसगंज के किरकिचिया पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि कफिल अंसारी के खिलाफ कारोबारी द्वारा दर्ज कराए गए 50 हजार रुपये रंगदारी और लूट के मामले ने अब सियासी रूप ले लिया है। इस मामले को लेकर फारबिसगंज विधायक मनोज कुमार विश्वास ने अपने जनसंपर्क कार्यालय में प्रेस वार्ता आयोजित की। उन्होंने दो दिनों के बाद कारोबारी द्वारा किए गए काउंटर केस में पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए और एसपी तथा पूर्णिया रेंज के आईजी से बात करके निष्पक्ष जांच की मांग की।

रंगदारी मामले को विधायक ने बताया राजनीतिक साजिश

विधायक मनोज कुमार विश्वास ने कहा कि यदि मुखिया प्रतिनिधि या उनके आदमियों ने रंगदारी मांगी है, तो उसका वीडियो या मोबाइल बातचीत जैसे अन्य साक्ष्य पेश किए जाएं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता और मुखिया प्रतिनिधि कफिल अंसारी के खिलाफ दर्ज केस एक राजनीतिक साजिश है और वह इस मामले में चुप नहीं बैठेंगे। विधायक ने सवाल उठाया कि अगर पैसों के बल पर झूठा केस दर्ज हो सकता है, तो आम लोग न्याय के लिए कहां जाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मामले की जांच सही ढंग से नहीं हुई, तो यह बड़ा रूप लेगा और इसे विधानसभा में भी उठाया जाएगा।

सोशल मीडिया वायरल वीडियो और लाइसेंसी हथियार पर उठाए सवाल

विधायक ने कहा कि 2 सितंबर की घटना का लाइसेंसी हथियार के साथ भिड़ंत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। उन्होंने सवाल किया कि जब पिस्टल का लाइसेंस विक्रम अग्रवाल के पास है, तो उनका पुत्र आयुष अग्रवाल लाइसेंसी पिस्टल के साथ मौके पर क्यों पहुंचा और यह लाइसेंस के नियमों का खुला उल्लंघन है। उन्होंने बताया कि जनप्रतिनिधि समस्याओं के समाधान के लिए मौके पर जाते हैं और उस दिन भी मुखिया प्रतिनिधि आम लोगों की समस्या सुलझाने गए थे। उन्होंने घटना के दिन थानाध्यक्ष के खुद मौके पर मौजूद रहने का हवाला देते हुए कहा कि दो दिन बाद केस दर्ज होना पैसों के खेल और बड़ी साजिश की ओर इशारा करता है। प्रेस वार्ता में कफिल अंसारी सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।

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