विदेश में नौकरी का झांसा देकर हजारों से ठगी, पटना से दो गिरफ्तार

बिहार के किशनगंज में विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर हजारों बेरोजगार युवाओं को ठगने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पटना से दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों पर न केवल पैसे की ठगी करने, बल्कि युवाओं को अवैध रास्तों से विदेश भेजने और उनसे जबरन काम कराने का गंभीर आरोप है।
कंपनियों के नाम पर चलता था ठगी का खेल
किशनगंज पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने एसटीएफ के सहयोग से 16 अक्टूबर को पटना से हाजी नाहिद गनी और मो. तवरेज को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, ये आरोपी हाजी नाहिद गनी प्राइवेट लिमिटेड और तैबा इंटरनेशनल टूर ट्रेवल्स के माध्यम से अपना काला कारोबार चला रहे थे।
इन कंपनियों के जरिए युवाओं को दुबई, सऊदी अरब, थाईलैंड और मलेशिया जैसे देशों में रोजगार दिलाने का भरोसा देकर उनसे मोटी रकम वसूली जाती थी। पुलिस अब इस मामले में मानव तस्करी और बंधुआ मजदूरी के पहलुओं की भी गहराई से जांच कर रही है।
डंकी रूट और बंधुआ मजदूरी का खौफनाक सच
इस गिरोह के काम करने का तरीका बेहद खतरनाक और अवैध था। विशनपुर थाना के एक मामले में शिकायतकर्ता मो. सुलेमान ने बताया कि उनके पुत्र नूरजफर को नौकरी दिलाने के नाम पर 1 लाख 80 हजार रुपये लिए गए थे। आरोपी उसे 9 सितंबर को पटना से दिल्ली और फिर थाईलैंड ले गए।
इसके बाद उसे कथित तौर पर 'डंकी रूट' (अवैध रास्ते) के जरिए मलेशिया पहुंचाया गया। वहां उसे अन्य युवाओं के साथ एक कमरे में बंद कर रखा गया और जो काम उसे दिया गया था, उसके बजाय उसे दूसरा काम करने के लिए मजबूर किया गया। नूरजफर ने बताया कि मलेशियाई इमिग्रेशन पुलिस की छापेमारी के दौरान वह किसी तरह जंगल में छिपकर भागने में सफल रहा और बाद में भारत लौट आया।
पुलिस की बड़ी कार्रवाई और आगे की जांच
एसडीपीओ-1 खुसरू सिराज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि पुलिस तकनीकी और मानवीय सूचनाओं के आधार पर इस सफलता तक पहुंची है। आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस उनके अन्य संभावित सहयोगियों की तलाश कर रही है।
पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस अपराध के जरिए आरोपियों ने कितनी अवैध संपत्ति अर्जित की है। अधिकारियों का कहना है कि संपत्ति की पहचान होते ही उसे जब्त करने की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, दोनों गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया की जा रही है।