मुजफ्फरनगर में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की विधवा का छलका दर्द, मकान खाली कराने के लिए लगा रही चक्कर

मुजफ्फरनगर के मीडिया सेंटर में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय श्रद्धानंद त्यागी की विधवा हुक्मोवती ने पत्रकार वार्ता कर अपना दर्द सामने रखा है। उन्होंने किरायेदारों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वे न तो किराया दे रहे हैं और न ही मकान खाली कर रहे हैं। धमकियों और उत्पीड़न से उनका परिवार बेहद परेशान है और उन्होंने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है।
किरायेदार नहीं कर रहे मकान खाली
छपार थाना क्षेत्र की रहने वाली हुक्मोवती ने बताया कि उन्होंने छपार स्थित आवासीय मकान जून 1998 में बैनामा के माध्यम से खरीदा था। कोरोना काल के दौरान उन्होंने अपने मकान को अजब सिंह पुत्र सहीराम और उसकी पत्नी पुष्पा को किराये पर दिया था। कोरोना महामारी के कारण उस समय किरायेदारी की कोई लिखित लिखा-पढ़ाई नहीं हो सकी थी। अब किरायेदार मकान खाली करने को तैयार नहीं हैं और काफी समय से किराया भी नहीं दिया जा रहा है। वृद्धा होने के कारण उनका शोषण किया जा रहा है और वह अपना मकान खाली कराने के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रही हैं।
मारपीट और जान से मारने की धमकी के आरोप
पीड़िता ने आरोप लगाया कि मार्च 2026 में उनके और उनके पुत्र के साथ मारपीट और झगड़ा किया गया था। आरोपियों द्वारा गाली-गलौज करने तथा जान से मारने की धमकी दी गई। घटना के बाद पुलिस से शिकायत की गई थी लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। आरोपियों द्वारा इसके बाद भी उन्हें और उनके पुत्र को लगातार धमकाया जाता रहा है। 6 मार्च 2026 की घटना का वीडियो भी उनके पास मौजूद है जिसकी जांच कराकर वास्तविकता सामने लाई जा सकती है। आरोपी पक्ष द्वारा झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी जा रही है जिससे परिवार भय और तनाव में है।
प्रशासन से लगाई न्याय और सुरक्षा की गुहार
हुक्मोवती ने मकान में गलत गतिविधियां किए जाने का भी आरोप लगाया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मकान का गलत इस्तेमाल रोका जाए और उन्हें मकान खाली कराकर वापस दिलाया जाए। उन्होंने बताया कि 15 अगस्त 2026 को एसडीएम सदर कार्यालय में भी प्रार्थना पत्र दिया गया था लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने अधिकारियों से मांग की है कि नाम-पते वाले सभी लोगों के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की जाए, उनकी और उनके पुत्र की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए तथा नियमानुसार मकान खाली कराया जाए। इस मामले में पुलिस और प्रशासनिक जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।