गंडक नदी में भारी जलस्तर बढ़ने का खतरा, वाल्मीकिनगर बराज के सभी 36 गेट खोले गए

Ghazala Saheb26 August 20261 min read92 viewsBihar
गंडक नदी में भारी जलस्तर बढ़ने का खतरा, वाल्मीकिनगर बराज के सभी 36 गेट खोले गए

दरभंगा में तिब्बत में हिमनद झील फटने के बाद गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका को लेकर बिहार में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। जल संसाधन विभाग ने एहतियात के तौर पर वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बराज के सभी 36 गेट खोल दिए हैं और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।

भोटे कोशी नदी में आई तेज लहर

बुधवार सुबह करीब नौ बजे तिब्बत में हिमनद झील फटने के कारण भोटे कोशी नदी में लगभग तीन मीटर ऊंची तेज लहर प्रवाहित हुई। यह नदी तिब्बत से निकलकर नेपाल में त्रिशूली नदी में मिलती है जिसके प्रभाव से गंडक नदी के निचले इलाकों में जलस्तर बढ़ने की संभावना जताई गई है।

जलस्तर और बराज की स्थिति

बुधवार दोपहर 12 बजे वाल्मीकिनगर गंडक बराज से करीब 86 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया जिसकी मात्रा लगातार बढ़ रही है। नेपाल के देवघाट में नारायणी नदी का जलस्तर 4.77 मीटर दर्ज किया गया है जबकि चेतावनी स्तर 7.30 मीटर और खतरे का निशान 9 मीटर है। देवघाट से पानी गंडक बराज तक पहुंचने में लगभग साढ़े तीन घंटे का समय लग सकता है।

प्रशासन की चौकसी और तैयारी

गंडक बराज पर मुख्यालय स्तर से एक तकनीकी दल भेजा गया है और गंडक बेसिन के सभी जिलों को अलर्ट जारी कर अधिकारियों को निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है। मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर बाढ़ से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की है। तटबंध के अंदर रहने वाले लोगों को माइकिंग के जरिए सतर्क किया जा रहा है और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने की तैयारी है। संभावित इलाकों में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात की जा रही हैं तथा मुख्यमंत्री ने भी उच्च स्तरीय बैठक कर अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है।

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