गंगा में बाढ़ और गाद पर वार! बक्सर से फरक्का तक होगा हवाई सर्वेक्षण

बिहार सरकार बक्सर से फरक्का तक गंगा का हवाई सर्वेक्षण करेगी ताकि बाढ़ और गाद की समस्या का वैज्ञानिक समाधान निकाला जा सके।

Ghazala Saheb29 October 20262 min read0 viewsBihar
गंगा में बाढ़ और गाद पर वार! बक्सर से फरक्का तक होगा हवाई सर्वेक्षण

बिहार में गंगा नदी के कारण होने वाली भीषण बाढ़ और गाद (सिल्ट) की समस्या से निपटने के लिए राज्य सरकार ने एक बेहद महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है। बक्सर से लेकर फरक्का तक गंगा के बहाव का विस्तृत हवाई सर्वेक्षण किया जाएगा। यह कदम नदी के बदलते स्वरूप, पानी के फैलाव के पैटर्न और गाद के भारी जमाव का तकनीकी मूल्यांकन करने के लिए उठाया जा रहा है।

बाढ़ और गाद प्रबंधन के लिए हाई-लेवल सर्वे

जल संसाधन विभाग, पटना द्वारा समन्वित यह हवाई सर्वेक्षण 29 अक्टूबर, 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस सर्वेक्षण का मुख्य उद्देश्य यह समझना है कि नदी का रास्ता कैसे बदल रहा है और गाद का जमाव किस तरह बाढ़ के खतरे को बढ़ा रहा है।

जल संसाधन विभाग की पीआरओ करुणा कृति ने पुष्टि की है कि इस पहल का लक्ष्य गाद प्रबंधन और बाढ़ नियंत्रण के लिए स्थायी वैज्ञानिक समाधान विकसित करना है।

पटना में जुटेगा दुनिया भर के विशेषज्ञों का जमावड़ा

सर्वेक्षण के तुरंत बाद, 30 अक्टूबर, 2026 को पटना में एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इस सम्मेलन का विषय 'Ganga Water Treaty: Water Security of Bihar' होगा।

  • इस कार्यक्रम में दुनिया भर के वैज्ञानिक, नदी विशेषज्ञ और नीति निर्माता शामिल होंगे।
  • हवाई सर्वेक्षण से प्राप्त उच्च-रिज़ॉल्यूशन वाली इमेजरी और वीडियो फुटेज को इस सम्मेलन में प्रस्तुत किया जाएगा।
  • इसका उद्देश्य बाढ़ शमन और गाद प्रबंधन के लिए दीर्घकालिक रणनीतियों पर चर्चा करना है।

3D मैपिंग से मिलेगी नदी की सटीक तस्वीर

सर्वेक्षण के अगले चरण में, 15 नवंबर, 2026 से जल एवं भूमि प्रबंधन संस्थान (WALMI), पटना द्वारा उच्च-रिज़ॉल्यूशन वाले ड्रोन तैनात किए जाएंगे। ये ड्रोन बक्सर से भागलपुर के बीच नदी के तल और किनारों की 3D मैपिंग करेंगे। यह मैपिंग मिलीमीटर स्तर की सटीकता के साथ की जाएगी, जिससे नदी के भूगोल की एकदम सटीक जानकारी मिल सकेगी।

बिहार सरकार का लक्ष्य दिसंबर 2026 में होने वाली 'गंगा वाटर ट्रीटी' की समीक्षा से पहले ठोस वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाना है।

GFCC मुख्यालय पटना में ही रहेगा

एक अन्य महत्वपूर्ण विकास में, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी के अनुरोध को स्वीकार कर लिया है। अब गंगा बाढ़ नियंत्रण आयोग (GFCC) का मुख्यालय पटना में ही बना रहेगा।

यह सभी प्रयास 'बिहार जल संसाधन बहाली और गाद प्रबंधन नीति 2026' के तहत किए जा रहे हैं। इससे पहले, मई 2026 में नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा (NMCG) के तहत बलिया से फरक्का तक का हवाई LiDAR सर्वेक्षण भी किया गया था, जिससे नदी के नेटवर्क का '3D डिजिटल ट्विन' तैयार करने में मदद मिली थी।

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