गंगा और सोलानी नदियों के उफान से मोरना के खादर क्षेत्र में गन्ने की फसल पर मंडराया बड़ा खतरा

Prakriti Singh20 August 20262 min read35 viewsUttar Pradesh
गंगा और सोलानी नदियों के उफान से मोरना के खादर क्षेत्र में गन्ने की फसल पर मंडराया बड़ा खतरा

मोरना ब्लॉक क्षेत्र के खादर में लगातार हो रही बारिश और नदियों के उफान के कारण किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इस खबर के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं: - पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश से गंगा और सोलानी नदियां उफान पर हैं। - नदियों का पानी खादर क्षेत्र के खेतों में फैल गया है। - एक महीने से रुक-रुककर हो रही बारिश से खेतों में जलभराव है। - गन्ने की पत्तियां पीली पड़ने लगी हैं और चारे की फसल पहले ही खराब हो चुकी है। - किसानों ने प्रशासन से उचित कदम उठाने की मांग की है।

नदियों का पानी खेतों में पहुंचने से किसानों की बढ़ी चिंता

लगातार हो रही बारिश अब किसानों के लिए मुसीबत का सबब बन गई है। पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बारिश के चलते गंगा और सोलानी नदियां उफान पर हैं। नदियों का पानी खादर क्षेत्र के खेतों में फैलने से फसलों पर संकट गहरा गया है। किसानों ने फसलों के नष्ट होने की आशंका जताई है।

जलभराव के कारण गन्ने की फसल पर मंडराया संकट

मोरना ब्लॉक क्षेत्र के खादर में लगातार बारिश के कारण खेतों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। किसानों के अनुसार करीब एक माह से रुक-रुककर हो रही बारिश के चलते खेतों में भरा पानी सूख नहीं पा रहा है। लगातार पानी भरे रहने से गन्ने की पत्तियां पीली पड़ने लगी हैं, जिसे किसान फसल के लिए खतरे का संकेत मान रहे हैं।

किसानों ने जताई भारी आर्थिक संकट की आशंका

चारे की फसल पहले ही खराब हो चुकी है और अब गन्ने की फसल भी नष्ट होने की कगार पर पहुंच रही है। किसान परविंदर, सुरेंद्र सिंह, ओमपाल, सतवीर, योगेश कुमार, विनोद उर्फ टिंकू, मघिनदर बालियान और अमीर सिंह आदि ने बताया कि गन्ने की फसल में उन्होंने काफी लागत और मेहनत लगाई है। यदि फसल खराब हुई तो किसानों के सामने भारी आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा और उन्हें कर्ज का बोझ उठाना पड़ सकता है।

प्रशासन से की गई उचित कदम उठाने की मांग

किसानों ने प्रशासन से जलभराव की स्थिति का जायजा लेने की मांग की है। किसानों ने फसलों को नुकसान से बचाने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।

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