बक्सर में गंगा का जलस्तर बढ़ा, दियारा इलाकों में फसल और चारे का संकट गहराया

बक्सर में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से जिले के दियारा और निचले इलाकों में लोगों की चिंता बढ़ गई है। खेतों में पानी फैलने से फसलों के प्रभावित होने की आशंका है और पशुओं के चारे का संकट भी गहराने लगा है। चौसा, सिमरी, चक्की, ब्रह्मपुर और नैनीजोर के तटीय इलाकों में ग्रामीण लगातार जलस्तर पर नजर रख रहे हैं। पानी बढ़ने से खेतों तक आना-जाना भी प्रभावित हो रहा है। पशुपालकों के अनुसार, जलस्तर बढ़ने से हरे चारे की उपलब्धता मुश्किल हो सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और पशुचारे की व्यवस्था करने की मांग की है।
प्रशासन अलर्ट और तटीय इलाकों पर नजर
गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। जिलाधिकारी साहिला ने तटवर्ती क्षेत्रों का दौरा करके अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए हैं। केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के मुताबिक जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। संवेदनशील इलाकों, तटबंधों और घाटों पर विशेष सावधानी बरती जा रही है।
जलस्तर बढ़ने के बावजूद रामरेखा घाट पर उमड़ी आस्था
गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद भी सावन की अंतिम सोमवारी पर रविवार को रामरेखा घाट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। बड़ी संख्या में लोग गंगा जल लेकर शिवालयों की तरफ रवाना हुए। घाट पर सामाजिक संगठनों द्वारा पीने का पानी, शरबत और फल जैसी सुविधाएं दी गईं। प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था संभाली। ब्रह्मपुर के बाबा बरमेश्वरनाथ मंदिर में सावन की अंतिम सोमवारी पर लाखों श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। पानी बढ़ने के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ और प्रशासन के सामने भीड़ तथा नदी किनारे सुरक्षा संभालना एक बड़ी चुनौती रहा।