गौरीशंकर भगत नेत्रदान: कारोबारी के निधन के बाद परिजनों का बड़ा फैसला
अररिया के प्रसिद्ध कारोबारी गौरीशंकर भगत के निधन के बाद उनके परिजनों ने नेत्रदान का फैसला लिया। कटिहार मेडिकल टीम ने कॉर्निया कलेक्ट किया।

अररिया के फारबिसगंज में प्रसिद्ध कारोबारी 85 वर्षीय गौरीशंकर भगत नेत्रदान के माध्यम से मानवता की सेवा का एक अनूठा उदाहरण पेश कर गए हैं। उनके आकस्मिक निधन के बाद, परिजनों ने उनकी आंखों को दान करने का साहसी निर्णय लिया, जिससे किसी अंधेरे जीवन में उजाला आ सके।
परिजनों की सहमति से हुआ नेत्रदान
फारबिसगंज के वार्ड संख्या 14 के निवासी गौरीशंकर प्रसाद भगत के निधन पर दधीचि देहदान समिति, तेरापंथ युवक परिषद और कलवार सेवा ट्रस्ट की ओर से परिजनों से संपर्क किया गया। इस पुनीत कार्य के लिए उनके पुत्र नितिन भगत और पत्नी रीता भगत ने नेत्रदान के लिए अपनी पूर्ण सहमति प्रदान की।
कटिहार मेडिकल टीम ने किया कॉर्निया कलेक्ट
नेत्रदान की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए कटिहार मेडिकल कॉलेज अस्पताल (KMCH) के नेत्र रोग विभाग की एक विशेष टीम फारबिसगंज पहुंची। इस टीम का नेतृत्व डॉ. अभय कुमार ने किया, जिसमें डॉ. रविनंदन और डॉ. आदर्श कुमार शामिल थे। यह पूरी प्रक्रिया नेत्र विभागाध्यक्ष डॉ. अतुल मिश्रा के मार्गदर्शन में पूरी की गई।
जिले का 28वां नेत्रदान
समिति के जिलाध्यक्ष अजातशत्रु अग्रवाल ने जानकारी दी कि यह फारबिसगंज और जिले का 28वां नेत्रदान है। इस नेक कार्य को पूरा करने में कई संस्थाओं और व्यक्तियों का योगदान रहा:
- समिति के सदस्य: अजातशत्रु अग्रवाल, शिवकुमार फिटकिरीवाला, आशीष गोलछा और सीताराम भगत।
- ट्रस्ट के संरक्षक: विंध्याचल उर्फ राजू भगत।
- मेडिकल टीम: डॉ. अतुल मिश्रा, डॉ. अभय कुमार, डॉ. रविनंदन और डॉ. आदर्श कुमार।
इस महान कार्य के लिए समाज के विभिन्न गणमान्य व्यक्तियों ने नेत्रदानी परिवार की सराहना की है। समिति के प्रदेश अध्यक्ष पूर्व राज्यपाल गंगा प्रसाद, महासचिव पद्मश्री डॉ. विमल जैन, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार गुप्ता और प्रमंडलीय सचिव मनमोहन सरावगी ने नेत्रदानी परिवार के साथ-साथ कटिहार मेडिकल कॉलेज की पूरी टीम को उनकी निस्वार्थ सेवा के लिए साधुवाद दिया है।