GE Aerospace का बड़ा फैसला: 2030 तक भारतीय सप्लायर्स पर खर्च को दोगुना करेगा

विमानन क्षेत्र में भारत की बढ़ती ताकत को देखते हुए, वैश्विक दिग्गज GE Aerospace ने एक बड़ा ऐलान किया है। कंपनी ने घोषणा की है कि वह 2030 तक भारत में अपने सप्लायर्स पर होने वाले खर्च को लगभग दोगुना कर देगी। यह कदम भारत के तेजी से विस्तार कर रहे विमानन (Aviation) क्षेत्र को मजबूती देने और घरेलू सप्लाई चेन को सशक्त बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
Ernst & Young (EY) की हालिया रिपोर्ट 'पावरिंग प्रोग्रेस: GE एयरोस्पेस का भारत में आर्थिक प्रभाव' के अनुसार, कंपनी ने 2025 में अपने भारतीय सप्लाई चेन पर लगभग 200 मिलियन अमेरिकी डॉलर खर्च किए थे। अब कंपनी का लक्ष्य इस खर्च को 2030 तक दोगुना करना है, जिससे छोटे और मध्यम उद्यमों (SMEs) सहित घरेलू सप्लायर्स के नेटवर्क का विस्तार हो सके।
बढ़ती मांग और विकसित भारत का सपना
भारत में विमानन क्षेत्र का भविष्य बेहद उज्ज्वल नजर आ रहा है। सरकारी अनुमानों के मुताबिक, घरेलू यात्री यातायात जो वर्तमान में लगभग 340 मिलियन है, वह 2040 तक बढ़कर 1.1 बिलियन तक पहुंच सकता है। इसके साथ ही, देश का हवाई अड्डा नेटवर्क भी 163 से बढ़कर 2047 तक 350 से अधिक होने की उम्मीद है।
इस विशाल मांग को पूरा करने के लिए भारत और दक्षिण एशिया को 2044 तक लगभग निम्नलिखित