ऑपरेशन शहीद की बड़ी कामयाबी: इथियोपिया से डिपोर्ट हुआ गैंगस्टर अफरीदी

पंजाब पुलिस ने ऑपरेशन शहीद के तहत 10 महीने के मैनहंट के बाद कुख्यात गैंगस्टर गुरविंदर सिंह उर्फ अफरीदी को इथियोपिया से डिपोर्ट किया।

Ghazala Saheb8 November 20262 min read0 viewsBihar
ऑपरेशन शहीद की बड़ी कामयाबी: इथियोपिया से डिपोर्ट हुआ गैंगस्टर अफरीदी

पंजाब पुलिस ने 'ऑपरेशन शहीद' के तहत एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय कामयाबी हासिल की है। 10 महीने लंबे अंतरराष्ट्रीय मैनहंट के बाद, पुलिस ने कुख्यात गैंगस्टर गुरविंदर सिंह उर्फ 'अफरीदी' को इथियोपिया से डिपोर्ट कर लिया है। पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने रविवार को इस सफल ऑपरेशन की जानकारी दी।

फर्जी पहचान और पासपोर्ट का जाल

जांच में पता चला है कि अफरीदी ने पुलिस की पकड़ से बचने के लिए फर्जी पहचान का सहारा लिया था। उसने लखनऊ के क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय (RPO) के माध्यम से 'विजेंद्र सिंह' के नाम से एक पासपोर्ट बनवाया था, जिसमें गोरखपुर का पता दिया गया था। इसी फर्जी पासपोर्ट का इस्तेमाल कर वह 31 मार्च 2025 को यूएई (UAE) भागने में सफल रहा था।

इतना ही नहीं, अफरीदी ने खुद को मैक्सिकन नागरिक बताने के लिए एक फर्जी मैक्सिकन पासपोर्ट भी हासिल कर लिया था। उसने अधिकारियों को यह विश्वास दिलाने की कोशिश की कि वह मैक्सिको का नागरिक है, लेकिन अंततः उसे पकड़ लिया गया और वापस डिपोर्ट कर दिया गया।

30 से ज्यादा संगीन मामले और हत्याएं

गुरविंदर सिंह उर्फ अफरीदी डॉन बल-प्रभ दसुआल गैंग का एक प्रमुख सरगना है। पुलिस के अनुसार, वह अपराध की दुनिया का एक बड़ा नाम है।

  • वह 30 से अधिक गंभीर आपराधिक मामलों में शामिल है।
  • पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वह पांच हत्याओं के मामलों में भी आरोपी है।
  • उसके खिलाफ इंटरपोल (Interpol) ने सात से अधिक नोटिस भी जारी किए थे।

ऑपरेशन शहीद और अंतरराष्ट्रीय सहयोग

मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देशों पर 20 जनवरी 2026 को यह विशेष अभियान शुरू किया गया था। पंजाब पुलिस की एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने केंद्रीय एजेंसियों और इथियोपिया में स्थित भारतीय दूतावास के साथ मिलकर इस मिशन को अंजाम दिया। 6 नवंबर 2026 को अफरीदी को सफलतापूर्वक डिपोर्ट कर लिया गया और अब वह पुलिस की हिरासत में है।

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