अररिया में HAM की 'गरीब चौपाल': मंत्री संतोष सुमन ने सुनीं गरीबों की समस्याएं

अररिया में हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा की 'गरीब चौपाल' आयोजित हुई। मंत्री संतोष कुमार सुमन ने लोगों की समस्याएं सुनीं और त्वरित समाधान का वादा किया।

Ghazala Saheb31 October 20262 min read0 viewsBihar
अररिया में HAM की 'गरीब चौपाल': मंत्री संतोष सुमन ने सुनीं गरीबों की समस्याएं

अररिया के नेताजी सुभाष स्टेडियम में शनिवार को हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) द्वारा 'गरीब चौपाल' का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बिहार सरकार के लघु जल संसाधन मंत्री और HAM (S) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार सुमन मुख्य रूप से शामिल हुए। इस दौरान बड़ी संख्या में महादलित समुदाय के लोग, पार्टी के दिग्गज नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

जनता के सुख-दुख में शामिल होना ही असली लोकतंत्र

सभा को संबोधित करते हुए डॉ. संतोष कुमार सुमन ने लोकतंत्र की परिभाषा पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव जीतने का एक जरिया नहीं है, बल्कि यह जनता के सुख और दुख में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने की एक निरंतर प्रक्रिया है।

उन्होंने आगे कहा कि 'गरीब चौपाल' यात्रा का मुख्य उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं को सीधे सुनना, उनकी जरूरतों को समझना और उनका समाधान करने के लिए प्रशासन के साथ मिलकर काम करना है। डॉ. सुमन के अनुसार, सरकार की वास्तविक सफलता इस बात से मापी जानी चाहिए कि गरीब, किसान, मजदूर, महिलाएं, युवा, दलित, महादलित और पिछड़ा वर्ग के जीवन में कितना सकारात्मक बदलाव आया है।

अब पटना जाने की जरूरत नहीं, गांव में ही सुलझेंगे मामले

पार्टी की इस विशेष पहल के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि इस चौपाल के जरिए वे सीधे ग्रामीणों के बीच पहुंच रहे हैं। इसका उद्देश्य यह है कि गरीब लोगों को छोटी-छोटी शिकायतों के लिए पटना या जिला मुख्यालय के चक्कर न काटने पड़ें। इससे न केवल उनका समय बचेगा, बल्कि उनकी दिहाड़ी और यात्रा के खर्च की भी बचत होगी।

"चौपाल में प्राप्त आवेदनों, विशेष रूप से भूमि विवाद से संबंधित मामलों की गहन जांच की जाती है और उन्हें जिला प्रशासन को भेजा जाता है। हमें खुशी है कि पहले चरण में ही 30 से 40 प्रतिशत मामलों का समाधान हो जाता है।"

आरक्षण और पलायन पर बड़ा राजनीतिक रुख

मीडिया से बातचीत के दौरान डॉ. सुमन ने समाज के सबसे वंचित और हाशिए पर रहने वाले वर्गों को मुख्यधारा में लाने के लिए आरक्षण के उप-श्रेणीकरण (sub-categorization) की पुरजोर वकालत की।

सीमांचल क्षेत्र से होने वाले पलायन के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार उद्योग विभाग के माध्यम से रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने गया में विकसित हो रहे औद्योगिक हब का उदाहरण देते हुए बताया कि इससे एक लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। इसके साथ ही, ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, कॉरिडोर और नए हवाई अड्डों जैसे बुनियादी ढांचे के विकास से बिहार में एक मजबूत औद्योगिक नेटवर्क तैयार होगा, जिससे अगले तीन-चार वर्षों में युवाओं का पलायन रुक सकेगा।

इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष किरण कुमार भारती ने की, जबकि राजेंद्र ऋषिदेव और गौरव कुमार ने सह-संचालक के रूप में कार्य किया। कार्यक्रम में राज्य अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार, विधायक रोहित कुमार, राज्य सचिव अनिल यादव और भरत ऋषिदेव सहित कई अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।

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