हरदीप सिंह पुरी निर्विरोध राज्यसभा सदस्य निर्वाचित
मध्य प्रदेश से राज्यसभा उपचुनाव में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी निर्विरोध चुने गए। अन्य उम्मीदवारों के नामांकन रद्द होने के बाद यह फैसला हुआ।

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को मध्य प्रदेश से राज्यसभा के उपचुनाव में निर्विरोध चुन लिया गया है। चुनावी प्रक्रिया के दौरान अन्य दो उम्मीदवारों के नामांकन पत्र खारिज होने के बाद, पुरी के सामने कोई प्रतिद्वंद्वी नहीं बचा और वे एकमात्र उम्मीदवार के रूप में विजयी घोषित किए गए।
विधानसभा में सौंपा गया निर्वाचन प्रमाण पत्र
गुरुवार को मध्य प्रदेश विधानसभा में एक औपचारिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान रिटर्निंग ऑफिसर उमेश कुमार शर्मा ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को हरदीप सिंह पुरी का निर्वाचन प्रमाण पत्र सौंपा। इस महत्वपूर्ण अवसर पर उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा और भगवानदास सबनानी सहित पार्टी के कई दिग्गज नेता उपस्थित रहे।
नामांकन रद्द होने से बदला चुनावी समीकरण
इस उपचुनाव में मुकाबला त्रिकोणीय होने की संभावना थी, लेकिन नामांकन पत्रों की जांच के बाद स्थिति बदल गई। राजकुमार लोहानी और कांते सायन्ना के नामांकन पत्र निम्नलिखित कारणों से रद्द कर दिए गए:
- कांते सायन्ना: इनका नामांकन इसलिए खारिज किया गया क्योंकि वे विधानसभा के 10 प्रतिशत निर्वाचित सदस्यों या 10 निर्वाचित सदस्यों (जो भी कम हो) के अनिवार्य हस्ताक्षर प्राप्त करने की शर्त को पूरा नहीं कर सके।
- राजकुमार लोहानी: इनका नामांकन इसलिए रद्द हुआ क्योंकि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर अनिवार्य 'फॉर्म 26' हलफनामा जमा करने में विफल रहे।
नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 5 नवंबर को समाप्त हुई, जिसके बाद हरदीप सिंह पुरी को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया।
क्यों खाली हुई थी यह सीट?
यह राज्यसभा सीट केंद्रीय राज्य मंत्री एल मुर्गन के इस्तीफे के कारण खाली हुई थी, जिन्होंने 14 अक्टूबर को अपने पद से त्यागपत्र दे दिया था। गौरतलब है कि हरदीप सिंह पुरी ने 31 अक्टूबर को मुख्यमंत्री मोहन यादव और अन्य वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में अपना नामांकन दाखिल किया था।