हाशिम मूसा एनकाउंटर: लश्कर आतंकी के खात्मे से आतंक को बड़ा झटका

जम्मू-कश्मीर के बुडगाम में सुरक्षा बलों ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए लश्कर-ए-तैयबा के खूंखार आतंकी हाशिम मूसा को ढेर कर दिया है। पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP) एस.पी. वैद ने इस हाशिम मूसा एनकाउंटर को सुरक्षा बलों की एक बड़ी उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि इस आतंकी के मारे जाने से घाटी में सक्रिय आतंकी नेटवर्क को एक बहुत बड़ा झटका लगा है।
बुडगाम के दुर्गम जंगलों में चला संयुक्त ऑपरेशन
यह मुठभेड़ बुडगाम जिले के युस्मारग इलाके में हुई, जो अपनी ऊंचाई और घने जंगलों के लिए जाना जाता है। इस सफल ऑपरेशन को भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ (CRPF) ने संयुक्त रूप से अंजाम दिया। पूर्व DGP वैद के अनुसार, यह मुठभेड़ खोरैग क्षेत्र में हुई, जहां आतंकी को मार गिराया गया।
गुरिल्ला युद्ध में माहिर था पाकिस्तानी आतंकी
हाशिम मूसा कोई साधारण आतंकी नहीं था, बल्कि वह एक पाकिस्तानी नागरिक था जिसे विशेष रूप से कमांडो ट्रेनिंग दी गई थी। वह जंगल में युद्ध लड़ने और गुरिल्ला ऑपरेशनों में बेहद माहिर था। वैद ने बताया कि वह घात लगाकर हमला करने (ambush) की कला में निपुण था, जिससे सुरक्षा बलों के लिए हमेशा खतरा बना रहता था।
इन बड़े हमलों का मास्टरमाइंड था मूसा
आतंकी हाशिम मूसा के तार जम्मू-कश्मीर के कई बड़े और घातक हमलों से जुड़े थे। पूर्व DGP के अनुसार, उसकी भूमिका निम्नलिखित घटनाओं में महत्वपूर्ण रही थी:
- पहलगाम हमला: उसे पहलगाम हमले का मास्टरमाइंड माना जाता था।
- पुंछ हमले: डीकेजी (DKG) और भीमबर गली मार्ग पर हुए हमलों में उसकी भूमिका थी, जिसमें हमारे