हिमाचल के DSP की रुकी सैलरी: बीमारी की पुष्टि के बाद भी विभाग का अड़ियल रवैया
हिमाचल प्रदेश के DSP विजय कुमार को मेडिकल बोर्ड द्वारा बीमारी की पुष्टि के बावजूद वेतन नहीं मिल रहा है। उन्होंने भेदभाव का आरोप लगाया है।

हिमाचल प्रदेश पुलिस सेवा (HPS) के एक अधिकारी इस समय न केवल गंभीर स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे हैं, बल्कि प्रशासनिक उदासीनता के कारण आर्थिक संकट का भी सामना कर रहे हैं। डीएसपी विजय कुमार, जो वर्तमान में चंडीगढ़ में अपना इलाज करा रहे हैं, का आरोप है कि मेडिकल बोर्ड द्वारा उनकी बीमारी की पुष्टि किए जाने के बावजूद उनका वेतन रोका गया है।
मेडिकल बोर्ड ने दी बीमारी की पुष्टि, फिर भी नहीं मिला वेतन
डीएसपी विजय कुमार 2022 बैच के अधिकारी हैं और वे 'कोक्सीडिनिया' (coccydynia) नामक बीमारी से पीड़ित हैं। यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें टेलबोन (tailbone) में अत्यधिक दर्द होता है। शिमला के इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (IGMC) में गठित एक विशेष मेडिकल बोर्ड ने 22 सितंबर को यह पुष्टि की थी कि उनकी बीमारी पूरी तरह वास्तविक है।
बोर्ड में न्यूरोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स और न्यूरोसर्जरी के वरिष्ठ विशेषज्ञ शामिल थे। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि इस बीमारी से उबरने में लंबा समय लग सकता है और मरीज की रिकवरी अलग-अलग हो सकती है। आरटीआई (RTI) के माध्यम से प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुमार मार्च 2026 से विभिन्न अस्पतालों में अपना इलाज करा रहे हैं, जिसमें पीजीआईएमआर (PGIMER) चंडीगढ़ भी शामिल है।
प्रशासनिक पेच: आदेश के बावजूद वेतन में देरी
मामले में सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि राज्य के गृह विभाग ने पहले ही पुलिस विभाग को उनका वेतन जारी करने का निर्देश दे दिया था। गृह विभाग के विशेष सचिव मनोज कुमार चौहान द्वारा जारी आदेश के अनुसार, विजय कुमार का वेतन शिमला मुख्यालय और उनके नए ट्रांसफर के बाद 2nd IRBn, साकोह के पदों के विरुद्ध आहरित किया जाना था।
हालांकि, कागजी कार्रवाई और आदेशों के बावजूद, अधिकारी के खाते में पैसा नहीं पहुंचा है। डीएसपी विजय कुमार ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा:
"मैं पिछले 25 दिनों से पीजीआईएमआर चंडीगढ़ में इलाज करा रहा हूं। वेतन रुक जाने के कारण अब स्थिति बहुत कठिन होती जा रही है। गृह विभाग के बार-बार निर्देशों के बावजूद डीजीपी कार्यालय द्वारा वेतन आदेश में देरी की जा रही है। मैं अब भी अपने वेतन का इंतजार कर रहा हूं।"
गंभीर आरोप: जातिगत भेदभाव और उत्पीड़न का दावा
वेतन विवाद के साथ-साथ, डीएसपी विजय कुमार ने हिमाचल प्रदेश पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों, जिसमें पुलिस महानिदेशक (DGP) भी शामिल हैं, पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने निम्नलिखित आरोप लगाए हैं:
- जाति आधारित भेदभाव: उन्होंने अपने साथ जातिगत आधार पर होने वाले भेदभाव का दावा किया है।
- पेशेवर उत्पीड़न: अधिकारी का कहना है कि उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है।
- सुविधाओं की कटौती: उन्होंने आधिकारिक सुविधाओं को वापस लेने और उनकी पोस्टिंग में हस्तक्षेप करने का भी आरोप लगाया है।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) ने भी इस शिकायत का संज्ञान लिया है। आयोग ने राज्य अधिकारियों से इस संबंध में रिकॉर्ड और स्पष्टीकरण मांगा है। आयोग के सदस्य पार्थ बिस्वास ने इस मामले की सुनवाई की है, जिससे अब इस प्रशासनिक लापरवाही पर राज्य सरकार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।