किशाऊ प्रोजेक्ट पर हिमाचल प्रदेश नहीं लगाएगा एक भी रुपया, सालाना होगी 600 करोड़ रुपये की कमाई

किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना समझौता
हिमाचल प्रदेश के उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार ने किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना में राज्य के वित्तीय हितों की पूरी रक्षा की है। हिमाचल प्रदेश को इस प्रोजेक्ट पर एक भी रुपया खर्च नहीं करना होगा और पावर कंपोनेंट से सालाना करीब 600 करोड़ रुपये की कमाई होने की उम्मीद है।
विभिन्न राज्यों के बीच समझौता
यह बयान शिमला में छह राज्यों हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में किशाऊ प्रोजेक्ट के लिए समझौते पर हस्ताक्षर करने के एक दिन बाद आया है। यह प्रोजेक्ट यमुना की सहायक नदी टोंस पर हिमाचल-उत्तराखंड सीमा के पास प्रस्तावित है। केंद्र सरकार ने जल घटक का 90 प्रतिशत खर्च उठाने की बात कही है।
लंबे समय से लंबित था प्रोजेक्ट
मंत्री ने बताया कि शर्तों, लागत बंटवारे और अन्य स्थितियों को लेकर मतभेदों के कारण यह प्रोजेक्ट पिछले 25-30 वर्षों से लंबित था। केंद्र के अनुसार, जल घटक को 90 प्रतिशत केंद्रीय सहायता और शेष 10 प्रतिशत भाग सहभागी राज्यों द्वारा वित्तपोषित किया जाएगा।
विस्थापित परिवारों का पुनर्वास
सिरमौर निर्वाचन क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले चौहान ने कहा कि प्रभावित परिवारों का पुनर्वास और पुनर्स्थापना एक बड़ा मुद्दा होगा। टोंस नदी पर बांध बनने से लगभग 3,000 लोगों के विस्थापित होने और कई गांवों के प्रभावित होने की उम्मीद है। प्रभावित परिवारों को मौद्रिक मुआवजा, जमीन और रोजगार के रूप में व्यापक पुनर्वास पैकेज मिलना चाहिए।
खनन विभाग और वन विभाग के कार्य
नदी बेसिन से सामग्री के निष्कर्षण पर चौहान ने वन विभाग की भूमिका पर सवाल उठाया और कहा कि खनन विभाग के अधिकार क्षेत्र को लेकर कोई अस्पष्टता नहीं होनी चाहिए। खनन या ड्रेजिंग वन विभाग का काम नहीं है, बल्कि यह खनन विभाग का काम है।
डिजिटल लेनदेन पर शुल्क का विरोध
डिजिटल लेनदेन पर शुल्क लगाने के प्रस्ताव पर चौहान ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि इससे देश में डिजिटल भुगतान की ओर बदलाव को झटका लग सकता है। लोगों की आदत बनने के बाद इन लेनदेन पर कर या शुल्क लगाने से आम आदमी पर बोझ पड़ेगा।
राजनीतिक बयानों पर प्रतिक्रिया
जयराम ठाकुर के 50 सीटों वाले दावे पर चौहान ने कहा कि ऐसे दावों का फैसला अंततः मतदाता ही करेंगे। ये मुंगेरूलल के हसीन सपने हैं और जब चुनाव आएंगे तब जनता ही फैसला करेगी। सरकार के कामकाज के पूरे होने पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के अभी करीब सवा साल बचे हैं और बाकी गारंटियों को भी पूरा किया जाएगा।