सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: हिमाचल को मिलेगी भारी मात्रा में बिजली

सुप्रीम कोर्ट के फैसले से हिमाचल प्रदेश को 20 साल में 11,973 मिलियन यूनिट बिजली मिलेगी, जिससे सालाना 400 करोड़ का लाभ होगा।

Ghazala Saheb6 November 20262 min read0 viewsBihar
सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: हिमाचल को मिलेगी भारी मात्रा में बिजली

हिमाचल प्रदेश के लिए भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) के बिजली हिस्सेदारी मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला एक ऐतिहासिक जीत साबित हुआ है। राज्य सरकार का दावा है कि इस फैसले से अगले 20 वर्षों में हिमाचल प्रदेश को 11,973 मिलियन यूनिट बिजली सुनिश्चित होगी, जिससे राज्य को भारी आर्थिक लाभ मिलेगा।

सालाना 400 करोड़ रुपये का होगा आर्थिक फायदा

शिमला में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान लोक निर्माण विभाग (PWD) के मंत्री विक्रम आदित्य सिंह ने इस फैसले को राज्य के अधिकारों की एक बड़ी जीत बताया। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से हिमाचल प्रदेश को अगले दो दशकों में बिजली की उपलब्धता बढ़ेगी और इससे राज्य को सालाना लगभग 400 करोड़ रुपये का आर्थिक लाभ होने का अनुमान है।

मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि यह फैसला केवल वित्तीय लाभ के बारे में नहीं है, बल्कि यह हिमाचल प्रदेश के संवैधानिक और वैध अधिकारों को सुरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

दशकों पुराने संघर्ष का सुखद अंत

विक्रम आदित्य सिंह ने इस कानूनी लड़ाई के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह संघर्ष काफी लंबा रहा है। उन्होंने बताया:

"पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने 1996 में इस लड़ाई की शुरुआत की थी। सोनिया गांधी के समर्थन के साथ हिमाचल प्रदेश के अधिकारों की आवाज को आगे बढ़ाया गया और दशकों तक विभिन्न अदालतों में यह संघर्ष जारी रहा। यह फैसला राज्य के लोगों की एक बड़ी जीत है।"

BBMB के प्रशासनिक ढांचे पर उठाए सवाल

मंत्री ने BBMB के कामकाज के तरीके पर भी अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बोर्ड का प्रशासनिक ढांचा अक्सर हिमाचल प्रदेश के लिए मुश्किलें पैदा करता है। उन्होंने बताया कि राज्य को अपने ही क्षेत्र में सड़क और पुल जैसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के निर्माण के लिए भी BBMB से मंजूरी लेनी पड़ती है, जिससे विकास कार्यों की गति प्रभावित होती है।

अगला लक्ष्य: चंडीगढ़ में हिस्सेदारी

बिजली के अधिकार को लेकर मिली इस बड़ी सफलता के बाद, अब सरकार का अगला बड़ा लक्ष्य चंडीगढ़ है। विक्रम आदित्य सिंह ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार अब चंडीगढ़ में हिमाचल प्रदेश के 7.19 प्रतिशत हिस्से को हासिल करने के लिए अपने प्रयासों को तेज करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार अपने सभी वैध अधिकारों को प्राप्त करने के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी।

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