IIIT रांची में छात्र की मौत पर बड़ा एक्शन: शिक्षा मंत्रालय ने गठित की जांच कमेटी

Ghazala Saheb13 October 20262 min read0 viewsBihar
IIIT रांची में छात्र की मौत पर बड़ा एक्शन: शिक्षा मंत्रालय ने गठित की जांच कमेटी

IIIT रांची छात्र की मौत के मामले में केंद्र सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। रांची स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IIIT) में एक छात्र की संदिग्ध मौत के बाद, शिक्षा मंत्रालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया है।

जांच के लिए बनाई गई विशेष कमेटी

शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस समिति का नेतृत्व दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस की निदेशक प्रोफेसर रजनी अब्बी करेंगी। इस जांच दल में एक वरिष्ठ मनोचिकित्सक और शिक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी को भी शामिल किया गया है।

समिति को निम्नलिखित महत्वपूर्ण पहलुओं की गहराई से जांच करने का जिम्मा सौंपा गया है:

  • संस्थान में बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता और उनका सुचारू कामकाज।
  • छात्रों के लिए परामर्श (Counselling) और मेंटरिंग की व्यवस्था।
  • छात्रों की शिकायतों के निवारण के लिए मौजूद तंत्र (Grievance Redressal)।
  • संस्थान की व्यवस्थाओं में मौजूद किसी भी प्रणालीगत खामी की पहचान करना।

कौन था मृतक छात्र?

मिली जानकारी के अनुसार, मृतक छात्र की पहचान आदित्य कुमार के रूप में हुई है, जो बिहार के भागलपुर का रहने वाला था। आदित्य ने इसी साल अगस्त में संस्थान में प्रवेश लिया था और वह वर्तमान में अपने मिड-सेमेस्टर की परीक्षाएं दे रहा था।

"घटना के समय कैंपस में बिजली की कटौती हुई थी। छात्र ने अपने कमरे को अंदर से लॉक कर लिया था और उसने कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।" - संस्थान के निदेशक राजीव श्रीवास्तव

कैसे हुई यह दुखद घटना?

संस्थान के निदेशक राजीव श्रीवास्तव ने बताया कि घटना वाली रात कैंपस में बिजली गुल थी। इसी दौरान आदित्य ने अपने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया और कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। जब उसके सहपाठियों ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया, तो उन्होंने छात्र को मृत पाया। हालांकि, कैंपस में मौजूद एम्बुलेंस उसे तुरंत अस्पताल ले गई, लेकिन डॉक्टरों ने उसे 'ब्रॉट डेड' (अस्पताल पहुंचने से पहले मृत) घोषित कर दिया। डॉक्टरों ने यह भी जानकारी दी कि छात्र की गर्दन की हड्डी में फ्रैक्चर था।

संस्थान और मंत्रालय की अगली रणनीति

शिक्षा मंत्रालय ने छात्रों के हितों और उनकी भलाई को ध्यान में रखते हुए संस्थान के सुचारू कामकाज के लिए जरूरी प्रशासनिक व्यवस्थाएं करने का निर्णय लिया है। वहीं, संस्थान के निदेशक ने आश्वासन दिया है कि वे उन सभी कारकों की जांच करेंगे जिन्हें भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुधारा जा सकता है। समिति की रिपोर्ट के आधार पर संस्थान में सुधार के कड़े कदम उठाए जाने की उम्मीद है।

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