IIT बॉम्बे सुसाइड मामला: क्लाइड क्रैस्टो ने की गहन जांच की मांग, जातिगत उत्पीड़न के आरोपों पर उठे सवाल

IIT बॉम्बे के छात्र साहिल रविंद्र वाकोडे की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई आत्महत्या ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस मामले में अब राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं। एनसीपी (एसपी) नेता क्लाइड क्रैस्टो ने मांग की है कि इस घटना की तह तक जाने के लिए एक विस्तृत जांच होनी चाहिए और जो भी इस दुखद घटना के लिए जिम्मेदार है, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
जातिगत उत्पीड़न के गंभीर आरोप
साहिल के माता-पिता ने प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला पर जाति आधारित भेदभाव और उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाया है। इस आरोप के मद्देनजर परिवार ने एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया है और मामले की निष्पक्ष जांच के लिए CBI जांच की मांग की है।
"हमने एक मासूम जान गंवाई है। इस घटना की गहन जांच होनी चाहिए और जो भी इसमें दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।" - क्लाइड क्रैस्टो
क्या कहती है सीसीटीवी फुटेज और पुलिस जांच?
मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच इस मामले की बारीकी से जांच कर रही है। जांच के दौरान मिले सीसीटीवी फुटेज से घटनाक्रम के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं:
- परीक्षा के दौरान संदिग्ध गतिविधि: 18 सितंबर को दोपहर 12:30 से 12:45 के बीच, जब परीक्षा समाप्त होने में करीब 15 मिनट बचे थे, साहिल को अपनी जेब में कुछ देखते हुए देखा गया था।
- प्रोफेसर की पूछताछ: इस दौरान एक प्रोफेसर ने उन्हें संदिग्ध गतिविधि के लिए अलग ले जाकर पूछताछ की थी।
- हॉस्टल में अंतिम उपस्थिति: साहिल दोपहर 1:25 बजे अपने हॉस्टल पहुंचे और उसके बाद वे कमरे से बाहर नहीं निकले। बाद में उनका शव उनके कमरे में पाया गया।
IIT बॉम्बे का पक्ष और संस्थान की स्थिति
इस संवेदनशील मामले को लेकर संस्थान के भीतर और बाहर अलग-अलग बयान सामने आ रहे हैं:
डीन की भूमिका पर स्पष्टीकरण
IIT बॉम्बे के फैकल्टी फोरम के अध्यक्ष प्रोफेसर राजकुमार एस पंत ने बताया कि प्रोफेसर डूला को केवल प्रशासनिक मामलों के डीन के पद से मुक्त किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें निलंबित नहीं किया गया है और वे संस्थान में प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हैं। पंत ने यह भी कहा कि बिना पूरी जांच के किसी भी नतीजे पर पहुंचना या पक्ष लेना जल्दबाजी होगी।
संस्थान का दावा
IIT बॉम्बे प्रशासन ने कहा है कि साहिल ने संस्थान के एससी/एसटी सेल या प्रशासन के पास उत्पीड़न से जुड़ी कोई भी शिकायत दर्ज नहीं कराई थी।
छात्रों का विरोध प्रदर्शन
इस घटना के बाद से IIT बॉम्बे कैंपस में छात्रों के बीच भारी असंतोष देखा जा रहा है। छात्र संस्थान में सुधारों की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्र प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया है कि उनके विरोध का उद्देश्य शैक्षणिक कदाचार का समर्थन करना नहीं है, बल्कि वे संस्थागत बदलाव चाहते हैं।