IIT खड़गपुर में किफायती स्वास्थ्य तकनीकों का स्थायी केंद्र शुरू, 20 से अधिक तकनीकों का हुआ व्यवसायीकरण

आईआईटी खड़गपुर में किफायती स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बनाए गए साझा अनुसंधान एवं प्रौद्योगिकी विकास केंद्र का स्थायी चरण शनिवार को शुरू हुआ। वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान विभाग की सचिव डॉ. एन. कलैसेल्वी ने बेन गुप्ता सभागार में इसका उद्घाटन किया। यह कार्यक्रम आईआईटी खड़गपुर के प्लेटिनम जुबली समारोह के तहत आयोजित किया गया।
स्वास्थ्य तकनीक और आत्मनिर्भरता
डॉ. कलैसेल्वी ने कहा कि चिकित्सा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए छोटे उद्योगों, नए उद्यमों और नवोन्मेषकों को सहयोग देना जरूरी है। सीआरटीडीएच जैसे केंद्र इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इन सुविधाओं के बेहतर उपयोग से देश में चिकित्सा उपकरणों के विकास को बढ़ावा मिलेगा। वर्ष 2019 में शुरू हुए इस केंद्र ने अपना प्रारंभिक अनुदान आधारित चरण पूरा कर लिया है।
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं
केंद्र अब तक 20 से अधिक तकनीकों के हस्तांतरण और उनके व्यवसायीकरण में सहयोग कर चुका है। मुख्य अन्वेषक प्रो. सुमन चक्रवर्ती ने वर्ष 2019 से 2026 तक केंद्र की उपलब्धियों की जानकारी दी। करीब पांच हजार वर्ग फुट क्षेत्र में बने इस केंद्र ने ग्रामीण स्वास्थ्य इकाइयों तक सेवाएं पहुंचाने में सहयोग किया है। सुंदरबन और बांकुड़ा-बीरभूम जैसे क्षेत्रों से आईं 15 महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया।