इमरान प्रतापगढ़ी की महफिल में सजेगा फारबिसगंज, 'आवाज़-ए-सीमांचल' मुशायरे की तैयारी तेज

अररिया जिले के फारबिसगंज में नवंबर के महीने में शायरी और अदब का एक भव्य संगम होने जा रहा है। सीमांचल अधिकार मंच की ओर से 'आवाज़-ए-सीमांचल' राष्ट्रीय मुशायरा एवं अदबी महफिल का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण देश के मशहूर शायर और राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी होंगे।
इस बड़े आयोजन को लेकर अभी से ही क्षेत्र में सरगर्मियां तेज हो गई हैं। कार्यक्रम को भव्य और यादगार बनाने के लिए आयोजकों ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। हाल ही में जुम्मन चौक स्थित वाहिद अंसारी के आवास पर मंच के सदस्यों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें मुशायरे की रूपरेखा और प्रबंधन पर विस्तार से चर्चा की गई।
सांस्कृतिक विरासत को मिलेगा बड़ा मंच
बैठक के दौरान सदस्यों ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि सीमांचल केवल एक भौगोलिक इलाका नहीं है, बल्कि यह मोहब्बत, तहजीब, अदब और साझा विरासत की एक अनूठी पहचान है। 'आवाज़-ए-सीमांचल' के माध्यम से इसी सांस्कृतिक धरोहर को एक बड़े राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने का प्रयास किया जा रहा है।
आयोजकों ने बताया कि इस मुशायरे में इमरान प्रतापगढ़ी के साथ-साथ देश के कई अन्य नामचीन और राष्ट्रीय स्तर के शायर भी अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।
तैयारियों को लेकर बैठक में हुआ मंथन
बैठक में इस बात पर विचार-विमर्श किया गया कि कैसे इस कार्यक्रम में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। आयोजकों का लक्ष्य है कि यह आयोजन न केवल साहित्यिक दृष्टि से समृद्ध हो, बल्कि सीमांचल की सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूती दे। कार्यक्रम की सफलता के लिए अब तैयारियों को युद्ध स्तर पर आगे बढ़ाया जा रहा है ताकि नवंबर में होने वाला यह आयोजन ऐतिहासिक बन सके।