हिमाचल के गायक इंदर जीत को मिला उस्ताद बिस्मिल्ला खान पुरस्कार

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के रहने वाले प्रसिद्ध लोक गायक, गीतकार और अभिनेता इंदर जीत को संगीत नाटक अकादमी द्वारा प्रतिष्ठित उस्ताद बिस्मिल्ला खान पुरस्कार 2024 से सम्मानित किया गया है। नई दिल्ली में आयोजित एक विशेष समारोह में केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। इंदर जीत ने अपनी कला के माध्यम से हिमाचल की लोक संस्कृति को एक नई ऊंचाई दी है।
हिमाचली संस्कृति और लोक संगीत को बचाने का जुनून
कुल्लू के डोगारी गांव से ताल्लुक रखने वाले इंदर जीत ने बिना किसी औपचारिक संगीत प्रशिक्षण के अपनी एक अलग पहचान बनाई है। उनका मुख्य उद्देश्य हिमाचल प्रदेश की पारंपरिक लोक संगीत, स्थानीय बोलियों और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना और उसे बढ़ावा देना है।
आज के आधुनिक युग में जब कई पारंपरिक लोक गीत और सांस्कृतिक प्रथाएं लुप्त होने की कगार पर हैं, इंदर जीत उन्हें समकालीन स्वरूप में पेश कर युवा पीढ़ी तक पहुंचा रहे हैं। उनके संगीत में हिमाचल के ग्रामीण जीवन, स्थानीय परंपराओं और सांस्कृतिक पहचान की गहरी झलक मिलती है, जो युवाओं को अपनी जड़ों से जुड़ने के लिए प्रेरित करती है।
कला के माध्यम से सामाजिक बदलाव का संदेश
इंदर जीत का कार्य केवल संगीत तक ही सीमित नहीं है। उन्होंने अपने गीतों और वीडियो के माध्यम से समाज को कई महत्वपूर्ण संदेश भी दिए हैं:
- नशा मुक्ति: युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना।
- पर्यावरण संरक्षण: प्रकृति को बचाने और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का संदेश देना।
- सामाजिक जिम्मेदारी: समाज के प्रति कर्तव्यों का बोध कराना।
इसके अलावा, उन्होंने अपने संगीत वीडियो के माध्यम से कुल्लू की प्रसिद्ध टोपी, शॉल, मफलर और पट्टू जैसे पारंपरिक हस्तशिल्प को भी वैश्विक मंच पर पहचान दिलाई है। इससे न केवल स्थानीय कारीगरों के कौशल को प्रदर्शित करने में मदद मिली है, बल्कि राज्य की सांस्कृतिक विरासत से जुड़े रोजगार के अवसरों के प्रति जागरूकता भी बढ़ी है।
"यह सम्मान हिमाचल की संस्कृति की जीत है"
पुरस्कार प्राप्त करने के बाद इंदर जीत ने बेहद भावुक होकर अपने माता-पिता, नोख राम और लीला देवी, अपने परिवार, प्रशंसकों और साथी कलाकारों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस उपलब्धि को व्यक्तिगत न मानकर पूरे प्रदेश की उपलब्धि बताया।
"मैंने हमेशा निस्वार्थ भाव से अपनी हिमाचली संस्कृति, लोक संगीत और प्राचीन परंपराओं को संरक्षित और समृद्ध करने का प्रयास किया है। मैं इस राष्ट्रीय सम्मान को अपने परिवार, सभी हिमाचली कलाकारों और हिमाचल प्रदेश के लोगों को समर्पित करता हूं। मेरा लक्ष्य है कि हमारी समृद्ध संस्कृति देश और विदेश में पहचानी जाए।"
उल्लेखनीय है कि संगीत नाटक अकादमी द्वारा 2006 में स्थापित उस्ताद बिस्मिल्ला खान युवा पुरस्कार 40 वर्ष तक की आयु के उन युवा कलाकारों को दिया जाता है जिन्होंने संगीत, नृत्य या नाटक के क्षेत्र में असाधारण योगदान दिया हो। इस वर्ष समारोह में संगीत, नृत्य और नाटक के क्षेत्र में 106 युवा कलाकारों को सम्मानित किया गया।