AI का ग्लोबल हब बनेगा भारत: अश्विनी वैष्णव का बड़ा ऐलान

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत दुनिया का AI एप्लीकेशन कैपिटल बनने की ओर अग्रसर है। सेमीकंडक्टर मिशन पर भी बड़ा अपडेट दिया।

Ghazala Saheb6 November 20262 min read0 viewsBihar
AI का ग्लोबल हब बनेगा भारत: अश्विनी वैष्णव का बड़ा ऐलान

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा है कि भारत दुनिया का AI एप्लीकेशन कैपिटल (Artificial Intelligence Application Capital) बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि भारत का लक्ष्य केवल तकनीक विकसित करना ही नहीं, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में इसके अनुप्रयोगों (applications) का वैश्विक केंद्र बनना है।

कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा में AI का प्रभाव

मंत्री वैष्णव ने कहा कि वर्तमान में वैश्विक AI उद्योग बड़े बदलावों और उथल-पुथल के दौर से गुजर रहा है। भारत इस बदलाव का लाभ उठाने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमारा ध्यान AI मॉडल्स को विभिन्न उद्योगों और महत्वपूर्ण क्षेत्रों में लागू करने पर है।

भारत में AI के माध्यम से निम्नलिखित क्षेत्रों में बड़े बदलाव की उम्मीद है:

  • कृषि: खेती की नई तकनीकों और उत्पादकता बढ़ाने के लिए AI का उपयोग।
  • स्वास्थ्य: चिकित्सा सेवाओं को बेहतर और सुलभ बनाने के लिए तकनीक का एकीकरण।
  • शिक्षा: सीखने के आधुनिक और प्रभावी तरीकों के लिए AI का इस्तेमाल।

वैष्णव के अनुसार, इन सभी क्षेत्रों में AI के अनुप्रयोगों पर काम बहुत तेजी से प्रगति कर रहा है।

सेमीकंडक्टर मिशन: केवल गंभीर खिलाड़ियों को मिलेगा मौका

सेमीकंडक्टर 2.0 वेब एप्लीकेशन पोर्टल के लॉन्च के अवसर पर, मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस पोर्टल को बहुत ही सावधानी से डिजाइन किया गया है। उन्होंने कहा कि यह पोर्टल केवल उन आवेदनों को स्वीकार करेगा जो पूरी तरह से पूर्ण और सटीक होंगे।

"हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केवल अत्यंत गंभीर खिलाड़ी ही इस प्रक्रिया में भाग लें। यहाँ किसी भी प्रकार के गैर-गंभीर या हल्के आवेदकों के लिए कोई जगह नहीं है।"

स्वदेशी GPU चिप का रोडमैप तैयार

भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में एक और बड़ी खबर यह है कि देश के अपने ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (GPU) चिप को विकसित करने का रोडमैप अंतिम चरण में है। सरकार सेमीकंडक्टर कार्यक्रम के विभिन्न स्तंभों (pillars) के तहत आवेदन स्वीकार करना शुरू कर देगी, जिससे देश के इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर निर्माण इकोसिस्टम को और अधिक मजबूती मिलेगी।

इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में बढ़ती ताकत

भारत अब केवल असेंबली तक सीमित नहीं है, बल्कि महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक घटकों के निर्माण में भी गहराई से उतर रहा है। मंत्री ने बताया कि भारत अब निम्नलिखित महत्वपूर्ण चीजों का निर्माण करने में सक्षम हो रहा है:

  • बैटरी सेल: पूरी तरह से निर्मित बैटरी सेल का उत्पादन।
  • कॉपर फॉयल: उच्च गुणवत्ता वाले कॉपर फॉयल का निर्माण।
  • PCB के लिए कॉपर-क्लैड लैमिनेट्स: प्रिंटेड सर्किट बोर्ड के लिए आवश्यक सामग्री।

इस प्रकार, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स की पूरी वैल्यू चेन में अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है और प्रत्येक नए कार्यक्रम के साथ गहराई से जुड़ रहा है।

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