CEC के खिलाफ INDIA bloc का महा-संग्राम: आज होगा इम्पीचमेंट कार्यक्रम
INDIA bloc के नेता आज मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग कार्यक्रम करेंगे। राहुल गांधी ने लोकतंत्र बचाने के लिए संघर्ष का आह्वान किया।

INDIA bloc के दिग्गज नेता आज मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सार्वजनिक महाभियोग (impeachment) कार्यक्रम आयोजित करने जा रहे हैं। यह महत्वपूर्ण कार्यक्रम दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के निवास (10, राजाजी मार्ग) पर दोपहर 3:30 बजे शुरू होगा।
बारिश के कारण टला था कार्यक्रम, अब आज होगा प्रदर्शन
गौरतलब है कि यह कार्यक्रम पहले शुक्रवार को होने वाला था, लेकिन राजधानी में हुई भारी बारिश के कारण इसे स्थगित करना पड़ा था। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बताया कि वरिष्ठ नेताओं को बारिश में बैठने की असुविधा न हो, इसलिए सर्वसम्मति से इस कार्यक्रम को आज के लिए पुनर्निर्धारित किया गया है।
'लोकतंत्र को खत्म कर रहे हैं मोदी और अमित शाह'
कार्यक्रम से पहले मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर बेहद गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, "नरेंद्र मोदी, अमित शाह और चुनाव आयोग के ज्ञानेश कुमार और उनकी टीम मिलकर भारतीय लोकतंत्र को ध्वस्त कर रहे हैं।" उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में गड़बड़ी करके करोड़ों मतदाताओं के अधिकारों को छीना जा रहा है और उनके वोटों की चोरी की जा रही है।
दिल्ली आने से रोकने की कोशिश का आरोप
राहुल गांधी ने गृह मंत्री पर निशाना साधते हुए दावा किया कि वे लोगों को दिल्ली आने से रोकने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, तेलंगाना और पंजाब जैसे राज्यों से आने वाले कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों के रास्ते में बाधाएं डाली जा रही हैं ताकि वे विरोध प्रदर्शन में शामिल न हो सकें।
1 नवंबर को रामलीला मैदान कूच की तैयारी
इम्पीचमेंट कार्यक्रम के साथ-साथ, INDIA bloc ने 1 नवंबर को रामलीला मैदान की ओर कूच करने का भी बड़ा ऐलान किया है। राहुल गांधी ने इस मार्च के लिए राजनीतिक दलों, नागरिक समाज के सदस्यों, पत्रकारों और आम नागरिकों को आमंत्रित किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेतृत्व और बड़े उद्योगपति गौतम अडानी व मुकेश अंबानी चुनावी अनियमितताओं के जरिए लाभान्वित हो रहे हैं।
विपक्ष के नेताओं का कहना है कि वे संविधान की रक्षा करने और नागरिकों के वोट देने के अधिकार को बचाने के लिए एकजुट होकर खड़े हैं।