भारत में डेटा सेंटर की बिजली मांग पर CEA का बड़ा दावा

भारत में डेटा सेंटर की बिजली मांग (India data center power demand) को लेकर केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) के अध्यक्ष घनश्याम प्रसाद ने एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि देश में डेटा सेंटर्स की क्षमता में भारी उछाल आने की उम्मीद है, जिससे बिजली की खपत के पैटर्न में बदलाव आ सकता है।
डेटा सेंटर क्षमता में जबरदस्त उछाल की उम्मीद
प्रसाद के अनुसार, वर्तमान में भारत में डेटा सेंटर की क्षमता 2 गीगावाट (GW) से भी कम है। हालांकि, भविष्य में इसके बढ़कर 24 से 26 गीगावाट तक पहुंचने की संभावना है। कुछ मामलों में यह आंकड़ा इससे भी अधिक हो सकता है।
कुल बिजली मांग पर पड़ेगा सीमित असर
डेटा सेंटर्स की क्षमता में इतनी बड़ी वृद्धि के बावजूद, देश की कुल बिजली मांग पर इसका प्रभाव सीमित रहने की उम्मीद है। CEA अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि इस संभावित वृद्धि को पहले ही भविष्य के बिजली मांग अनुमानों में शामिल कर लिया गया है।
"अभी डेटा सेंटर की क्षमता 2 गीगावाट से भी कम है। भले ही यह 24 से 26 गीगावाट तक पहुंच जाए, फिर भी कुल मांग के प्रतिशत के रूप में यह बहुत अधिक नहीं होगा। हमने अपने भविष्य के अनुमानों में इसे पहले ही शामिल कर लिया है और हम उसी के अनुसार संसाधनों की योजना बना रहे हैं।"
प्रसाद ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार का मुख्य ध्यान यह सुनिश्चित करने पर है कि देश में किसी भी समय बिजली उत्पादन क्षमता की कमी न हो, ताकि उपभोक्ताओं की मांग को बिना किसी बाधा के पूरा किया जा सके।
नवीकरणीय ऊर्जा और भविष्य के लक्ष्य
ऊर्जा क्षेत्र के विस्तार पर चर्चा करते हुए, उन्होंने बताया कि भारत की स्थापित नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) क्षमता 308 गीगावाट के महत्वपूर्ण मील के पत्थर को पार कर चुकी है। उन्होंने भविष्य के रोडमैप के बारे में निम्नलिखित जानकारी दी:
- 2030 का लक्ष्य: भारत 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता हासिल करने की ओर अग्रसर है।
- 2035-36 का लक्ष्य: देश का लक्ष्य इस समय सीमा तक लगभग 800 गीगावाट क्षमता तक पहुंचना है।
इसके अलावा, उन्होंने ऊर्जा भंडारण (Energy Storage) बुनियादी ढांचे के विकास पर भी भरोसा जताया और कहा कि यह क्षेत्र काफी तेजी से आगे बढ़ रहा है।
स्मार्ट मीटर: बिजली नेटवर्क की जरूरत
प्रसाद ने बिजली नेटवर्क में पारदर्शिता और बेहतर निगरानी के लिए स्मार्ट मीटर के तेजी से विस्तार की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता स्तर से लेकर उत्पादन स्तर तक सटीक जानकारी प्राप्त करने के लिए स्मार्ट मीटर 'समय की मांग' हैं।
उन्होंने आगे कहा कि चूंकि अब रूफटॉप सोलर (Rooftop Solar) का चलन भी बढ़ रहा है, इसलिए लोड डिस्पैचरों को इन रूफटॉप्स की सटीक जानकारी देने के लिए ऐसे मीटरों की जरूरत है जो संचार (Communicate) कर सकें।