भारत की रफ्तार बढ़ी! अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने बढ़ाए GDP अनुमान

Ghazala Saheb4 October 20262 min read0 viewsBihar
भारत की रफ्तार बढ़ी! अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने बढ़ाए GDP अनुमान

भारत की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूती दिखा रही है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के सचिव सौरभ गर्ग ने कहा है कि देश की आर्थिक मजबूती अब वैश्विक स्तर पर साफ दिखाई दे रही है। भारत के मजबूत कॉर्पोरेट प्रदर्शन और निरंतर निवेश गतिविधियों के चलते कई अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसियों ने देश की विकास दर के अनुमानों में बढ़ोतरी कर दी है।

मजबूत कॉर्पोरेट प्रदर्शन और निवेश का असर

कौटिल्य इकोनॉमिक कॉन्क्लेव के दौरान मीडिया से बात करते हुए सौरभ गर्ग ने बताया कि पहली तिमाही में भारत ने 7.8 प्रतिशत की शानदार वृद्धि दर्ज की थी। उन्होंने कहा कि हाल ही में एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स (S&P Global Ratings) और फिच रेटिंग्स (Fitch Ratings) जैसी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने भारत के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के अनुमानों को ऊपर की ओर संशोधित किया है।

सचिव ने अर्थव्यवस्था के इस प्रदर्शन के पीछे कई महत्वपूर्ण कारकों को जिम्मेदार ठहराया:

  • कॉर्पोरेट क्षेत्र: हाल के हफ्तों में कॉर्पोरेट सेक्टर के नतीजे उम्मीद से बेहतर रहे हैं।
  • पूंजी निवेश: सरकार के साथ-साथ निजी क्षेत्र द्वारा भी निरंतर पूंजी निवेश किया जा रहा है।
  • क्षेत्रीय विकास: विनिर्माण (Manufacturing) और सेवा (Service) क्षेत्रों में अत्यंत सकारात्मक वृद्धि दर देखी जा रही है।

वैश्विक संकटों के बीच भी अडिग है भारत

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जैसे वैश्विक जोखिमों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था ने अपना लचीलापन बनाए रखा है। सौरभ गर्ग के अनुसार, सरकार द्वारा समय पर किए गए हस्तक्षेपों ने तेल की कीमतों के झटकों के प्रतिकूल प्रभावों को सीमित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

उन्होंने आगे कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था की बाहरी दबावों को झेलने की क्षमता न केवल सरकार के उपायों को दर्शाती है, बल्कि यह भारतीय परिवारों और निजी क्षेत्र की सकारात्मक प्रतिक्रिया का भी परिणाम है। वैश्विक भू-राजनीतिक स्थितियों के बावजूद देश की आर्थिक स्थिति स्थिर बनी हुई है।

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