वैश्विक मंदी के बीच भारत में नौकरियों की स्थिति सुधरी, Bain की रिपोर्ट

दुनिया भर में भर्ती (hiring) की रफ्तार धीमी हो रही है, लेकिन भारत इस आर्थिक दौर में काफी लचीलापन दिखा रहा है। Bain & Company की हालिया रिपोर्ट 'ग्लोबल जॉब मार्केट ट्रेंड्स' के अनुसार, दूसरी तिमाही में भारत में जॉब पोस्टिंग में केवल 5% की मामूली कमी आई है। यह आंकड़ा अन्य प्रमुख वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में काफी बेहतर है, जो भारतीय बाजार की मजबूती को दर्शाता है।
अन्य देशों की तुलना में भारत का बेहतर प्रदर्शन
रिपोर्ट में बताया गया है कि जहां भारत में नौकरियों की मांग में केवल 5% की गिरावट आई है, वहीं दुनिया के कई बड़े बाजारों में यह गिरावट बहुत अधिक रही है। तुलनात्मक रूप से देखें तो:
- फ्रांस: यहाँ नौकरियों में सबसे ज्यादा 40% की गिरावट दर्ज की गई।
- ब्राजील: यहाँ 39% की कमी आई।
- नीदरलैंड: यहाँ 33% की गिरावट देखी गई।
- जर्मनी और अमेरिका: जर्मनी में 27% और अमेरिका में 23% की कमी आई है।
भारत के साथ-साथ कनाडा (4%), जापान (7%), ब्रिटेन (9%) और चीन (10%) जैसे देशों में भी मामूली गिरावट देखी गई, लेकिन भारत की स्थिति काफी हद तक स्थिर रही है।
AI क्षेत्र में नौकरियों की भारी मांग
रिपोर्ट एक दिलचस्प बदलाव की ओर इशारा करती है। एक तरफ जहां पारंपरिक कॉर्पोरेट भूमिकाओं में कमी आई है, वहीं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े पदों की मांग में जबरदस्त उछाल आया है। दूसरी तिमाही में वैश्विक स्तर पर AI से जुड़ी नौकरियों की संख्या बढ़कर लगभग 3,51,000 हो गई है। यह पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 60% की भारी वृद्धि है।
किन क्षेत्रों में आई गिरावट और कहां बढ़ा उछाल?
भर्ती के रुझानों में स्पष्ट अंतर देखा जा रहा है। जहां कुछ पारंपरिक क्षेत्रों में मांग कम हुई है, वहीं विशेषज्ञता वाले क्षेत्रों में तेजी है।
गिरावट वाले प्रमुख क्षेत्र:
- रिसर्च, डिजाइन और डेवलपमेंट: 37% की गिरावट।
- सेल्स और मार्केटिंग: 32% की गिरावट।
- रणनीति और एनालिटिक्स: 27% की गिरावट।
- सूचना प्रौद्योगिकी (IT): 25% की गिरावट।
- फाइनेंस: 24% की गिरावट।
बढ़त वाले प्रमुख क्षेत्र:
- वेंचर कैपिटल और प्राइवेट इक्विटी: 47% की वृद्धि।
- कैपिटल मार्केट्स: 26% की वृद्धि।
- कंप्यूटर और नेटवर्क सुरक्षा: 19% की वृद्धि।
- डिफेंस और स्पेस: 13% की वृद्धि।
यह डेटा संकेत देता है कि श्रम बाजार अब दो अलग-अलग गति से चल रहा है। सामान्य भूमिकाओं में कमजोरी बनी हुई है, लेकिन विशिष्ट कौशल (specialized skills) वाले क्षेत्रों में नियोक्ताओं की मांग लगातार बढ़ रही है।