भारत-पोलैंड दोस्ती में नया मोड़: पीएम मोदी बोले, FTA से बढ़ेंगे अवसर
पीएम मोदी ने कहा कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते से भारत-पोलैंड साझेदारी के नए रास्ते खुले हैं।

नई दिल्ली में आयोजित एक उच्च स्तरीय संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और पोलैंड के बीच मजबूत होते रिश्तों पर विशेष जोर दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की बढ़ती आर्थिक शक्ति और भारत-यूरोपीय संघ (EU) के बीच होने वाला मुक्त व्यापार समझौता (FTA) दोनों देशों के बीच साझेदारी के लिए नए और व्यापक अवसर पैदा कर रहा है।
रणनीतिक साझेदारी को मिली नई रफ्तार
पोलिश प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क के भारत दौरे के दौरान, दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoUs) का आदान-प्रदान किया। पीएम मोदी ने याद दिलाया कि 2024 में उनकी पोलैंड यात्रा के दौरान दोनों देशों के संबंधों को 'रणनीतिक साझेदारी' के स्तर तक बढ़ाया गया था।
प्रधानमंत्री ने कहा, "हमारी बढ़ती आर्थिक शक्ति ने भारत-पोलैंड साझेदारी के लिए नए अवसर पैदा किए हैं। भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते ने इन अवसरों को और भी विस्तृत बना दिया है।"
इतिहास और मानवता का अटूट बंधन
पीएम मोदी ने दोनों देशों के बीच केवल कूटनीतिक नहीं, बल्कि गहरे ऐतिहासिक और भावनात्मक संबंधों का भी जिक्र किया। उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान पोलिश परिवारों को दी गई मदद का उदाहरण देते हुए कहा:
"भारत और पोलैंड की दोस्ती केवल राजनयिक संबंधों पर आधारित नहीं है, बल्कि यह मानवता और सहानुभूति की साझा विरासत में निहित है। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान, जामनगर और कोल्हापुर के शाही परिवारों ने हजारों पोलिश बच्चों और परिवारों को भारत में शरण दी थी।"
व्यापार और तकनीक में सहयोग का नया लक्ष्य
दोनों देशों का साझा लक्ष्य द्विपक्षीय व्यापार को वर्तमान 6 बिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़ाकर 10 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक ले जाना है। इस सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों में निम्नलिखित शामिल हैं:
- रक्षा (Defence): रक्षा क्षेत्र में सहयोग को और गहरा करना।
- अंतरिक्ष और तकनीक: अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) में साझेदारी।
- आर्थिक निवेश: व्यापारिक मंचों के माध्यम से नए निवेश के अवसर।
डोनाल्ड टस्क का यह दौरा 2010 के बाद से किसी पोलिश प्रधानमंत्री की पहली भारत यात्रा है। अपनी यात्रा के दौरान, वे बेंगलुरु भी जाएंगे ताकि भारत के आईटी और अंतरिक्ष क्षेत्रों के दिग्गजों के साथ चर्चा कर सकें। इससे पहले, उन्होंने राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि भी अर्पित की। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी प्रधानमंत्री टस्क से मुलाकात कर द्विपक्षीय सहयोग को विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ाने पर चर्चा की।